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राष्ट्रपति बुश इराक़ को लेकर चेता सकते हैं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश राष्ट्र के नाम संदेश देने वाले हैं. वो अपने संबोधन में इराक़ में असफलता को लेकर चेता सकते हैं. राष्ट्रपति बुश अपनी इराक़ नीति का बचाव करेंगे और कह सकते हैं कि अमरीका को ''इराक़ में असफल नहीं होना है क्योंकि इसके नतीजे गंभीर और दूरगामी होंगे.'' विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के संसद के दोनों सदनों पर कब्ज़े के बाद उनका यह पहला संबोधन होगा. उम्मीद की जा रही है कि बुश घरेलू मुद्दे पर इसे केंद्रित करेंगे. वो विपक्षी डेमोक्रिटिक पार्टी से अहम समस्याओं को सुलझाने में समर्थन की अपील कर सकते हैं. उनके भाषण में ऊर्जा प्रमुख मुद्दा होगा और वो 2017 तक पेट्रोल की खपत में कटौती की अपील कर सकते हैं. भाषण से पहले व्हाइट हाउस के उपप्रमुख जोएल कॉप्लान ने कहा कि राष्ट्रपति बुश अगले 10 वर्षों में 20 फ़ीसदी की कटौती के लिए कह सकते हैं. माना जा रहा है कि राष्ट्रपति बुश की छवि में लगातार गिरावट आती जा रही है. इसका फ़ायदा विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को मिला है और उसने संसद के दोनों सदनों पर कब्ज़ा कर लिया है. छवि पर बट्टा हाल में बीबीसी के लिए ग्लोबस्कैन के सर्वेक्षण से पता चलता है कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में अमरीकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं और उसकी छवि ख़राब हुई है. सर्वेक्षण में शामिल हुए लोगों में से तीन चौथाई ने अमरीका की इराक़ नीति को ख़ारिज कर दिया. इस सर्वेक्षण में नवंबर से जनवरी के बीच 25 देशों के लगभग 26 हज़ार लोगों से रायशुमारी की गई. ख़ुद सर्वेक्षण में शामिल किए गए अमरीकी लोगों ने बहुमत से इराक़ युद्ध और जलवायु परिवर्तन पर बुश प्रशासन की नीतियों को ठुकरा दिया. ऐसा लगता है कि विदेशों में अमरीका की धूमिल होती छवि का मुख्य कारण इराक युद्ध ही है और दुनिया भर में इसे लेकर जो गहरे अविश्वास का वातावरण है, उसकी झलक अमरीका में भी देखने को मिलती है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'दुनिया भर में अमरीका की छवि ख़राब हुई'23 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना बुश प्रशासन की कड़ी आलोचना20 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना बुश सांसदों को समझाने में जुटे18 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'पिछले साल 34 हज़ार इराक़ी मारे गए'16 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना बुश अपनी इराक़ नीति पर दृढ़15 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में और सैनिक भेजने की घोषणा 11 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'दुनिया में बहुमत यातना के ख़िलाफ़'19 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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