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'ईरान के ख़तरे से जल्द निबटना होगा' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति बुश ने दुनियाभर को ईरान से होने वाले ख़तरों के प्रति आगाह किया है और कहा है कि उससे जल्द निबटना होगा अन्यथा देर हो जाएगी. संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी आबूधाबी में बुश ने कहा कि ईरान दुनियाभर के देशों की सुरक्षा के लिए ख़तरा पैदा कर रहा है. उन्होंने कहा कि अमरीका अपने मित्र देशों से अपील कर रहा है कि वे इसके ख़िलाफ़ एकजुट हों अन्यथा काफ़ी देर हो जाएगी. बुश इस समय मध्य पूर्व देशों के दौरे पर हैं. राष्ट्रपति बुश ने कहा, "ईरान इस समय दुनिया में आतंकवाद का सबसे बड़ा प्रायोजक है. ईरान आतंकवादियों को अरबों रुपए की मदद भेजता है जबकि ईरान के लोग आर्थिक कठिनाइयों में जीते हैं." उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि वह फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट हमास और लेबनान के हिज़्बुल्लाह का समर्थन कर रहा है. आरोप बुश ने कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देश इराक़ के शिया विद्रोहियों को हथियार पहुँचा रहा है. अपने भाषण में राष्ट्रपति बुश ने आर्थिक और सामाजिक प्रगति के लिए संयुक्त अरब अमीरात की सराहना की और मध्य पूर्व के अन्य देशों से अपील की कि वे लोकतंत्र को लागू करें. इससे पहले कुवैत में उन्होंने कहा था कि अमरीका जुलाई तक इराक़ से अपने 20 हज़ार सैनिकों की वापसी पर काम कर रहा है. बुश ने कहा कि इराक़ में स्थितियाँ बेहतर हो रही हैं और अमरीकी सैनिकों के कारण वहाँ सुरक्षा का माहौल भी सुधरा है. हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी चीज़ की गारंटी नहीं दी जा सकती. बाद में राष्ट्रपति बुश बहरीन भी गए और अमरीकी नौ-सैनिकों से मिले. बहरीन में अमरीकी नौ-सेना के पाँचवें बेड़े का ठिकाना है. राष्ट्रपति बुश उन नाविकों से भी मिले, जिन्हें पिछले सप्ताह ईरानी बोटों ने रोकने की कोशिश की थी. राष्ट्रपति बुश की मध्य पूर्व यात्रा का एक मक़सद इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच शांति वार्ता को फिर से शुरू करना है. उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान फ़लस्तीनी प्रशासन के प्रमुख महमूद अब्बास और इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट से भी मिले थे. | इससे जुड़ी ख़बरें बाथ समर्थकों पर लगा प्रतिबंध हटा12 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना इराक़ में फिर उम्मीद नज़र आ रही है: बुश12 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना कार्यकाल में ही हो जाएगा समझौता: बुश10 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना भड़काऊ कार्रवाई के गंभीर परिणाम: राइस08 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना ग्वांतनामो बे के लिए मदद की अपील21 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना रूस ने ईरान को परमाणु ईंधन दिया17 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना टेप नष्ट करने की जाँच के आदेश09 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना इसराइल-फ़लस्तीनी शांतिवार्ता शुरु करेंगे28 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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