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भड़काऊ कार्रवाई के गंभीर परिणाम: राइस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने ईरान को चेतावनी दी है कि खाड़ी में उसकी नौसेना ने जो भड़काऊ काम किया है उसके परिणाम ख़तरनाक हो सकते हैं. उधर मध्य पूर्व का दौरा शुरू करने जा रहे अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि ईरान अब भी ख़तरा बना हुआ है और अमरीका के सामने सैनिक कार्रवाई का विकल्प खुला हुआ है. अमरीका के रक्षा विभाग ने इससे पहले बताया था कि होरमुज़ जलडमरूमध्य में ईरान के पाँच स्पीडबोट अमरीका के तीन युद्धपोतों के काफ़ी निकट चले आए थे और जहाज़ से गोली चलाई ही जानेवाली थी कि ईरानी नौसैनिक लौट गए. लेकिन ईरान ने इस मामले को अधिक तूल नहीं देते हुए इसे एक सामान्य घटना बताया है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद अली हुसैनी ने कहा कि ईरानी नौकाओं ने अमरीकी युद्धपोत को नहीं पहचाना था और इस तरह की घटना पहले भी कई बार हो चुकी है. मगर अमरीका की विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने ज़ोर देकर कहा है कि ये कोई सामान्य घटना नहीं थी. राइस ने कहा," ईरानियों ने जो किया उसमें कुछ भी सामान्य नहीं था. कम से कम मैं तो ये आशा करती हूँ कि ईरान ऐसी चीज़ों को सामान्य नहीं समझता होगा क्योंकि इस तरह की भड़काऊ बातों के परिणाम गंभीर हो सकते हैं." राइस ने ईरान सरकार से ये आग्रह भी किया कि वो आइंदा ऐसी भड़काऊ कार्रवाइयों से बचें. ये घटना जिस जगह हुई उसे होरमुज़ जलडमरूमध्य कहा जाता है और ये जलमार्ग सामरिक तौर पर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में गिना जाता है. दुनिया में कुल तेल के आवागमन का पांचवाँ हिस्सा इसी मार्ग से गुज़रता है. बुश का दौरा अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश बुधवार से मध्य पूर्व का आठ दिन का दौरा शुरू कर रहे हैं. दौरे से ठीक पहले उन्होंने चैनल टू नाम के इसराइल के एक टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया है जिसमें उन्होंने कहा है कि ईरान के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई का रास्ता अब भी खुला हुआ है, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि फ़िलहाल अमरीका सरकार कूटनीतिक उपाय से ही मामले को सुलझाना चाहती है. बुश ने कहा," अमरीका ने हमेशा से ही सैनिक विकल्प को खुला रखा है, मैंने अमरीकी जनता से कहा है कि मुझे भरोसा है कि इस विवाद को कूटनीति से सुलझाया जा सकता है. जब सारे विकल्प आपकी मेज़ पर रखें हों तो उनमें से कूटनीति सबसे अधिक कारगर होती है". इसराइली टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में बुश ने अमरीका की ख़ुफ़िया सेवाओं की उस रिपोर्ट का भी उल्लेख किया जिसमें कहा गया था कि ईरान अभी परमाणु हथियार नहीं बना रहा और उसने ये कार्यक्रम चार साल पहले ही बंद कर दिया था. बुश ने कहा कि वे समझते हैं कि ईरान अब भी ख़तरा बना हुआ है क्योंकि ईरान के एक सैनिक कार्यक्रम स्थगित कर देने का मतलब ये नहीं है कि आम ज़रूरत के लिए यूरेनियम के संवर्धन की क्षमता को आगे चलकर सैनिक ज़रूरत के लिए उपयोग में नहीं लाया जा सकता. | इससे जुड़ी ख़बरें 'नए प्रतिबंध लगाने पर सवाल'05 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना रूस ने ईरान को परमाणु ईंधन दिया17 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना 'अमरीका ने ईरान का ख़तरा ज्यादा आंका'03 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना ईरान ने 'डिज़ाइन' की प्रति आईएईए को दी14 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना प्रतिबंधों पर ईरान की तीखी प्रतिक्रिया26 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना ईरान के ख़िलाफ़ नए आर्थिक प्रतिबंध25 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना 'अमरीका हमला करने की स्थिति में नहीं'04 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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