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ग्वांतनामो बे के लिए मदद की अपील | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने उन देशों से ग्वांतनामो बे शिविर को बंद करने में मदद करने की अपील की है जिनके नागरिक वहाँ बंदी बनाकर रखे गए हैं. कोंडोलीज़ा राइस ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि ऐसे देश ही गारंटी दे सकते हैं कि ग्वांतनामो बे शिविर में बंदी बनाकर रखे गए "बुरे लोगों" को अगर रिहा कर दिया जाएगा तो वे बाद में किसी प्रकार का ख़तरा नहीं बनेंगे. राइस ने अमरीका के राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश प्रशासन की इस इच्छा को दोहराया कि वे ग्वांतनामो बे शिविर को बंद करना चाहते हैं लेकिन उन्होंने कहा कि यह अमरीका और दुनिया भर में बसे दूसरे लोगों की सुरक्षा की क़ीमत पर नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा, “इन बंदी गृहों में ख़तरनाक लोग रखे गए हैं जो अफ़ग़ानिस्तान में लड़ाई के मैदान से पकड़े गए हैं जहां वे अमरीका, यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया के ख़िलाफ़ षडयंत्र रच रहे थे.” ग़ौरतलब है कि क्यूबा में अमरीकी नौसैनिक अड्डे ग्वांतनामो बे शिविर में 2001 में अफ़ग़ानिस्तान पर हमले के बाद से अनेक लोगों को बंदी बनाकर रखा गया था. उनमें से अनेक को रिहा किया जा चुका है लेकिन अब भी सैकड़ों लोग अब भी वहाँ बंदी हैं और अमरीका सरकार ने उन पर औपचारिक रूप से कोई आरोप निर्धारित नहीं किए हैं. एक ही समस्या बीबीसी के संवाददाता वाशिंगटन जोनाथन बील ने कोंडोलीज़ा राइस से पूछा था कि क्या अमरीका का इरादा ग्वांतनामो बे शिविर को बंद करने का है? राइस ने जवाब दिया, “बिल्कुल, हम ग्वांतानामो बे बंदी गृह को बंद करना चाहते हैं पर केवल एक ही समस्या है. जो बुरे लोग वहां बंद हैं, उनका क्या करेंगे?” "हम उनका क्या करेंगे? क्या हम उन्हें फिर उस जनता के ऊपर छोड़ दें जो उन पर शक नहीं कर रही है? मैं नहीं समझती कि ऐसा होना चाहिए.” उन्होंने कहा, “एक ही बात है जो हमारी काफ़ी मदद कर सकती है. हम उन देशों से बात करें जहां के यो लोग नागरिक हैं और अगर हमें ऐसे कुछ देश मिल जाएं जो अपने नागरिकों को वापस ले लें... और वह भी इस आश्वासन के साथ कि ये लोग समाज को फिर नुक़सान नहीं पहुंचाएंगे. " राइस ने कहा, "इसलिए ग्वांतानामो बे बंदीगृह को बंद करने के लिए हमें कुछ मदद चाहिए.” | इससे जुड़ी ख़बरें और कोई चारा ही नहीं था...19 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना तीन ब्रितानी ग्वांतनामो बे से रिहा19 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना मुक़दमों के बहिष्कार की अपील22 मार्च, 2007 | पहला पन्ना शेख मोहम्मद ने पर्ल की 'हत्या' की14 मार्च, 2007 | पहला पन्ना 9/11 के अभियुक्त की अहम सुनवाई आज09 मार्च, 2007 | पहला पन्ना संदिग्ध चरमपंथियों के ख़िलाफ़ सुनवाई09 मार्च, 2007 | पहला पन्ना बंदियों को अमरीकी अदालतें नहीं20 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना ग्वांतानामो के बंदियों के लिए नए नियम18 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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