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शेख मोहम्मद ने पर्ल की 'हत्या' की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी रक्षा विभाग पेंटागन के अनुसार ख़ालिद शेख मोहम्मद ने 11 सितंबर 2001 को हुए हमलों में मुख्य भूमिका निभाने के साथ ही अमरीकी पत्रकार डैनियल पर्ल की हत्या की बात भी स्वीकार की है. पेंटागन ने ख़ालिद शेख़ मोहम्मद की ग्वांतानामो बे में बंद कमरे में हुई सुनवाई के दस्तावेज़ के अंश जारी किए हैं. इन अंशों के अनुसार ख़ालिद ने कहा ' मैंने ही अपने इस पवित्र हाथ से अमरीकी यहूदी डैनियल पर्ल का गला रेत दिया था. ' इन दस्तावेज़ों के अनुसार ख़ालिद शेख़ मोहम्मद ने ग्यारह सितंबर 2001 के हमले सहित कुल 29 हमलों में अपनी भूमिका की ज़िम्मेदारी स्वीकार की है. मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि मोहम्मद के बयानों की जांच होनी चाहिए क्योंकि ये बयान बिना किसी क़ानूनी मानदंडों के रिकार्ड किए गए हैं. ब्रिटेन में एमनेस्टी के प्रवक्ता माइक ब्लैकमोर ने कहा ' खालिद मोहम्मद के इकबालिया बयान किसी अदालत में नहीं लिए गए हैं बल्कि एक गुप्त स्थान पर लिए गए हैं जिसमें वकीलों की कोई भूमिका नहीं है.' ग्वांतानामो बे शिविर में रखे जाने से पहले ख़ालिद को सीआईए की एक गुप्त जेल में रखा गया था जहां ख़ालिद के अनुसार उसे प्रताड़ित किया गया था. पेंटागन ने इससे पहले जब ख़ालिद के बयान जारी किए थे तो उसमें पर्ल की हत्या संबंधी बात नहीं कही गई थी. अब वाल स्ट्रीट जर्नल के पत्रकार पर्ल की हत्या की बात सामने आई है. 2002 में पर्ल को पाकिस्तान से अगवा किया गया था और कुछ दिनों के बाद इंटरनेट पर पर्ल की हत्या की तस्वीरें जारी कर दी गई थीं. पर्ल की हत्या का शक ख़ालिद पर ही किया गया था. हमले की अन्य योजनाएं समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार ख़ालिद शेख़ मोहम्मद ने कहा है, "ग्यारह सितंबर के हमलों के लिए मैं ही पूरी तरह से ज़िम्मेदार हूँ." अमरीकी दस्तावेज़ के मुताबिक़ ख़ालिद शेख़ मोहम्मद ने जिन हमलों के लिए ज़िम्मेदारी स्वीकार की है उनमें इंडोनेशिया के बाली में हुए बम विस्फोट शामिल हैं. ख़ालिद शेख़ मोहम्मद ने कथित रूप से मान लिया है कि जूते में बम छिपाकर ट्रांस-अटलांटिक एयरलाइंस विमान को उड़ाने की योजना भी उसी की थी. अमरीकी रक्षा विभाग का दस्तावेज़ कहता है कि ख़ालिद शेख़ मोहम्मद ने लंदन के बिग बेन और हीथ्रो हवाईअड़्डे को भी उडा़ने की योजना बनाई थी. ग्वांतानामो बे के अमरीकी सैनिक बंदीगृह में ख़ालिद शेख़ मोहम्मद और तेरह और संदिग्ध लोगों की सैन्य सुनवाई फ़रवरी 2007 में शुरू हुई थी. ग्वांतानामो बे के बंदी गृह की मानवाधिकार संस्था और वकील निंदा करते रहे हैं. उनका कहना है कि वहाँ क़ैद लोगों को अपने बचाव के अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है. वहाँ मुख्य रूप से ग्यारह सितंबर के हमलों के सिलसिले में गिरफ़्तार किए गए संदिग्ध लोगों को रखा गया है. उल्लेखनीय है कि ख़ालिद शेख़ मोहम्मद को अल क़ायदा संगठन में ओसामा बिन लादेन के बाद तीसरे नंबर का नेता माना जाता है. ख़ालिद शेख़ मोहम्मद को मार्च 2003 को पाकिस्तान के रावलपिंडी में गिरफ़्तार किया गया था और फिर लंबे समय तक गुप्त स्थान पर रखे जाने के बाद 2006 में ग्वांतानामो बे के अमरीकी बंदीगृह में स्थानांतरित किया | इससे जुड़ी ख़बरें 'योजना बहुत बड़ी थी'22 सितंबर, 2003 | पहला पन्ना ख़ालिद ओसामा से मिले थे10 मार्च, 2003 | पहला पन्ना 'आतंकवादी अब सुरक्षित नहीं'05 मार्च, 2003 | पहला पन्ना ओसामा का नंबर तीन गिरफ़्तार02 मार्च, 2003 | पहला पन्ना कौन हैं ख़ालिद शेख़?07 मार्च, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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