BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मित्र को भेजेंकहानी छापें
टेप नष्ट करने की जाँच के आदेश
सीआईए
सीआईए ने 2002 में की गई पूछताछ वाले कुछ टेप 2005 में नष्ट कर दिए थे.
अमरीका के न्याय विभाग ने इस बात की जाँच किए जाने के आदेश दिए हैं कि सीआईए ने अल क़ायदा के संदिग्ध चरमपंथियों से पूछताछ संबंधी टेपों को क्यों नष्ट किया.

इस पूरे प्रकरण की शुरुआती जाँच सीआईए के साथ संयुक्त रूप से की जाएगी जिसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि इस मामले की पूरी जाँच करने की ज़रूरत है या नहीं.

दरअसल, पिछले दिनों सीआईए ने स्वीकारा था कि उन्होंने कुछ संदिग्ध चरमपंथियों से पूछताछ के दौरान तैयार किए गए कुछ टेपों को नष्ट कर दिया है.

सीआईए की ओर से इस जानकारी के सार्वजनिक होने के बाद अमरीका में विपक्षी डेमोक्रेट नेताओं ने बुश प्रशासन पर सीआईए की यातनाओं संबंधी सबूत छिपाने का आरोप लगाया था.

विपक्षी नेताओं ने बुश प्रशासन से कहा था कि अमरीकी खुफ़िया एजेंसी (सीआईए) ने जो टेप नष्ट किए हैं, संभव है कि उनमें क़ैदियों को दी जाने वाली यातना से जुड़े सबूत रहे हों.

इन नेताओं ने इस पूरे प्रकरण की जाँच करवाए जाने की भी पुरज़ोर माँग की थी.

इसी के बाद न्याय विभाग की ओर से टेप नष्ट किए जाने के कारणों की प्रारंभिक जाँच के आदेश दे दिए गए हैं.

जाँच के इस आदेश का सीआईए प्रमुख ने स्वागत किया है और कहा है कि इस दिशा में सीआईए जाँचकर्ताओं को पूरा सहयोग देगा.

नष्ट किए टेप

सीआईए ने वर्ष 2002 के दौरान ग्वांतनामो बे शिविर में संदिग्ध चरमपंथियों से पूछताछ के दौरान पूछताछ की प्रक्रिया का वीडियो रिकॉर्ड किया था जिसे 2005 में नष्ट कर दिया गया.

ग्वांतानामो बे में क़ैदी
सीआईए के स्पष्टीकरण को मानवाधिकार गुटों ने ख़ारिज कर दिया है.

पहले तो सीआईए ने इस तरह के किसी टेप के होने से ही इनकार किया था लेकिन अब उसने ऐसे टेप तैयार करने और फिर कुछ टेपों के नष्ट किए जाने की बात को स्वीकार कर लिया.

हालांकि टेपों को नष्ट करने के पीछे सीआईए का अपना ही तर्क है. सीआईए ने क़बूल किया है कि उन्होंने अपने एजेंटों की पहचान छिपाने के लिए इन टेपों को नष्ट कर दिया था.

अमरीकी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी ख़बर के अनुसार इन टेपों में संदिग्ध लोगों से पूछताछ की कठोर प्रक्रिया दिखाई गई थी.

अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय व्हाइट हाउस ने कहा है कि बुश को याद नहीं है कि उन्हें इन टेपों या उसे नष्ट करने के बारे में बताया गया था.

यातनाएँ देने का मुद्दा

बीबीसी के वॉशिंगटन संवाददाता का कहना है कि इस ख़बर के बाद सीआईए की हिरासत में 'संदिग्ध चरमपंथियों' को यातनाएँ दिए जाने के मुद्दे पर बहस फिर छिड़ जाने की संभावना है.

संवाददाता के मुताबिक इससे यह सवाल भी उखड़ा होगा कि क्या सीआईए एजेंटों ने अदालतों के समक्ष और राष्ट्रपति के बनाए आयोग के सामने पूरी जानकारी देने से परहेज किया.

बीबीसी के अमरीका के मामलों के संपादक जस्टिन वेब का कहना है कि सीआईए के स्पष्टीकरण को मानवाधिकार गुटों ने ख़ारिज किया है.

उनका कहना है कि सभी सीआईए कर्मचारियों को संबोधित एक पत्र में सीआईए निदेशक माइकल हेडन ने बताया कि वर्ष 2002 में बनाए गए टेप उस गुप्त पूछताछ का हिस्सा थे जो संदिग्ध अल क़ायदा नेता अबू ज़ुबैदा की गिरफ़्तारी के बाद बनाए गए.

इससे जुड़ी ख़बरें
सीआईए ने पूछताछ के टेप नष्ट किए
07 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना
मुक़दमों के बहिष्कार की अपील
22 मार्च, 2007 | पहला पन्ना
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>