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'समझौते के लिए कठिन फ़ैसले ज़रूरी' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने मध्य पूर्व पर हो रहे सम्मेलन से पहले आगाह किया है इसराइल-फ़लस्तीन शांति समझौते के लिए कुछ 'कठिन फ़ैसले' करने पड़ेंगे. सम्मेलन में भाग ले रहे मध्य पूर्व के नेताओं के सम्मान में दिए गए रात्रिभोज में उन्होंने कहा कि इसराइली और फ़लस्तीनी नेता ये 'फ़ैसले’ करने के लिए संकल्पबद्ध हैं. अमरीका में एनपोलिस में मध्य पूर्व पर सात साल के बाद व्यापक सम्मेलन मंगलवार से शुरु हो रहा है. सऊदी अरब और सीरिया समेत 40 से अधिक देश और संगठन इस सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं. उधर सऊदी अरब के विदेश मंत्री शहज़ादा सऊद अल फ़ैसल ने कहा है कि अमरीका का वादा है कि दोनो पक्षों के बीच शांति समझौता एक साल के भीतर पूरा हो जाएगा. दूसरी ओर चरमपंथी संगठन हमास के नेता इस्माइल हानिया ने कहा है कि उन्हें विश्वास है कि ये वार्ता असफल रहेगी. 'सफलता की उम्मीद'
पर्यवेक्षकों का कहना है कि चूँकि सम्मेलन अमरीका की मेज़बानी में हो रहा है और इसमें सऊदी अरब और सीरिया जैसे देश हिस्सा ले रहे हैं जो इसराइल को मान्यता नहीं देते, ऐसे में सम्मेलन की सफलता की उम्मीद बरक़रार है. बीबीसी के मध्य पूर्व संपादक जेरेमी बोवन का कहना है कि कई ऐसे मुद्दे हैं जिनसे समझौता होने में अड़चनें पैदा हो सकती हैं. उनके अनुसार इनमें से एक है फ़लस्तीनी गुट हमास की इस सम्मेलन में अनुपस्थिति. इसराइल, यूरोपीय संघ और अमरीका हमास को 'आतंकवादी संगठन' मानते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें संयुक्त राष्ट्र में फ़लस्तीन के पक्ष में प्रस्ताव02 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना मध्य पूर्व की यात्रा पर कोंडोलीज़ा राइस24 मार्च, 2007 | पहला पन्ना अरब देशों से वार्ता को तैयार इसराइल01 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना ब्लेयर को शांतिदूत बनाए जाने पर चर्चा26 जून, 2007 | पहला पन्ना ब्लेयर बनाए गए मध्य-पूर्व दूत27 जून, 2007 | पहला पन्ना इसराइल, मिस्र को अरबों डॉलर की मदद31 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना मध्य पूर्व सम्मेलन की तैयारी शुरू24 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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