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अरब देशों से वार्ता को तैयार इसराइल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने अरब देशों के सुझाए शांति उपायों पर चर्चा के लिए एक क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है. ओल्मर्ट का कहना था कि अगर सऊदी अरब उदारवादी अरब देशों का सम्मेलन आयोजित करता है और फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास के साथ उन्हें भी बुलाता है तो वो ज़रुर जाएंगे. इससे पहले महमूद अब्बास ने इसराइल से मांग की थी कि वो जल्द से जल्द सीधी और गंभीर वार्ताएं शुरु करें. पिछले हफ्ते अरब देश के नेताओं ने भी इसराइल से कहा था कि वो 2002 में अरब देशों द्वारा सुझाए गए शांति उपायों को माने. सऊदी अरब ने अभी तक इसराइली प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन यरुशलम में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ओल्मर्ट के बयान के बाद अऱब देशों के प्रस्ताव पर फिर से चर्चा होने की संभावना बढ़ गई है. अरब देशों की मध्य पूर्व योजना के तहत इसराइल को 1967 में कब्ज़ा किए गए अरब क्षेत्रों को वापस करना होगा, फ़लस्तीन को राष्ट्र के तौर पर मान्यता देनी होगी और पूर्वी यरुशलम को इसकी राजधानी बनाने की अनुमति देनी होगी. इसके बदले सभी अरब देश इसराइल के साथ अपने संबंध सामान्य करेंगे और अरब इसराइल संघर्ष को समाप्त माना जाएगा. इस योजना में फ़लस्तीनी शरणार्थियों की समस्या का उचित समाधान निकालने की अपील भी है. सन् 2002 में जब यह योजना आई थी तो इसराइल ने इसे सिरे से खारिज़ कर दिया था लेकिन अब इसराइल का कहना है कि वो शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए 'बड़े और दुखद' फ़ैसले करने को तैयार है. महत्वपूर्ण नेता ओल्मर्ट ने यरुशलम में एक पत्रकार वार्ता के दौरान क्षेत्रीय सम्मेलन संबंधी बात कही. ओल्मर्ट ये पत्रकार वार्ता जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल के साथ कर रहे थे. उन्होंने कहा ' मैं अरब देशों के नेताओं के लिए घोषणा करता हूं कि अगर सऊदी अरब उदारपंथी अरब देशों की बैठक बुलाएं और उसमें मुझे और फ़लस्तीनी प्राधिकरण के प्रमुख को आमंत्रित किया जाए ताकि हमें सऊदी योजना के बारे में बताया जा सके तो हम उनकी बात सुनने आएंगे और अपनी बात भी रखेंगे. ' उन्होंने कहा कि वो सऊदी अरब समेत सभी अरब देशों के नेताओं को बातचीत का आमंत्रण देते हैं. उनका कहना था कि वो सऊदी अरब के शाह को विशेष महत्व देते हैं क्योंकि वो उन्हें महत्वपूर्ण नेता मानते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'मान्यता नहीं, तो सरकार का बहिष्कार'18 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना रमल्ला में छापा, 18 गिरफ़्तार07 मार्च, 2007 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी सरकार पर मिलीजुली प्रतिक्रिया18 मार्च, 2007 | पहला पन्ना इसराइल में हड़ताल समाप्त हुई21 मार्च, 2007 | पहला पन्ना मध्य पूर्व की यात्रा पर कोंडोलीज़ा राइस24 मार्च, 2007 | पहला पन्ना 'मध्य-पूर्व में अरब देश सक्रिय हों'27 मार्च, 2007 | पहला पन्ना शांति योजना में जान फूँकने की कोशिश28 मार्च, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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