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शांति योजना में जान फूँकने की कोशिश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मध्य पूर्व के लिए पाँच साल पुरानी शांति योजना में फिर से जान फूँकने के लिए अरब नेता बुधवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाध में एक सम्मेलन कर रहे हैं. संभावना व्यक्त की जा रही है कि ये नेता इस वार्षिक अरब लीग सम्मेलन में उस सऊदी प्रस्ताव पर बातचीत करेंगे जिसे सबसे पहले सऊदी अरब ने 2002 में पेश किया था. इस योजना में पेशकश की गई है कि अगर इसराइल 1967 के युद्ध में क़ब्ज़ा किए गए इलाक़ों से हट जाए तो अरब देश इसराइल को एक देश के रूप में मान्यता दे देंगे. अरब लीग में 22 अरब देश सदस्य हैं जिनमें से 21 देशों के नेता दो दिन के इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं. लीबिया इस सम्मेलन में हिस्सा नहीं ले रहा है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून और यूरोपीय संघ की विदेश नीति के प्रमुख ज़ेवियर सोलाना भी इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं. संवाददाताओं का कहना है कि इस सम्मेलन में किसी बड़े नतीजे की उम्मीद तो नहीं है लेकिन क्षेत्रीय ताक़त माने जाने वाला सऊदी अरब इस शांति योजना के लिए काफ़ी सक्रिय रहा है जिसकी वजह से अरब लीग के इस सम्मेलन को काफ़ी महत्वपूर्ण समझा जा रहा है. आपत्तियाँ फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने आगाह किया है कि शांति योजना को आगे बढ़ाने के लिए इस मौक़े का फ़ायदा नहीं उठाया गया तो शायद ऐसा अवसर भविष्य में फिर ना मिले. लेकिन इसराइल सरकार का कहना है कि इस शांति योजना के मुख्य भाग को स्वीकार नहीं किया जा सकता, जिनमें फ़लस्तीनी शरणार्थियों की वापसी से संबंधित जो प्रावधान भी शामिल हैं. उधर फ़लस्तीनी इस्लामी आंदोलन-हमास को भी इस शांति योजना पर कुछ ऐतराज़ हैं. सऊदी अरब ने 2002 में अरब लीग के बेरूत सम्मेलन में यह योजना पेश की थी लेकिन इसराइल ने इस शांति योजना से 2002 में ही हाथ खींच लिया था लेकिन अब प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट इस पर सक्रिय प्रतिक्रिया दिखा रहे हैं. अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने मंगलवार को तीन दिन का मध्य पूर्व दौरा समाप्त करने के बाद यरूशलम में अरब देशों से अपील की थी कि वे इसराइल के साथ संबंध बढ़ाएँ. राइस ने मध्य पूर्व शांति योजना में फिर से जान फूँकने के लिए इसराइल, फ़लस्तीनी और जॉर्डन के अधिकारियों से बातचीत की है. कोंडोलीज़ा राइस ने कहा कि इसराइली प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट और फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास इस बात पर सहमत हुए हैं कि वे हर पखवाड़े में एक बार मिलकर बातचीत करेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें मध्य पूर्व की यात्रा पर कोंडोलीज़ा राइस24 मार्च, 2007 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी सरकार पर मिलीजुली प्रतिक्रिया18 मार्च, 2007 | पहला पन्ना नई फ़लस्तीनी कैबिनेट घोषित15 मार्च, 2007 | पहला पन्ना त्रिपक्षीय वार्ताओं के लिए राइस इसराइल में18 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'मान्यता नहीं, तो सरकार का बहिष्कार'18 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना फ़तह और हमास के बीच समझौता08 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी नेता सऊदी शाह से मिले07 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'शांति प्रक्रिया फिर शुरू हो सकती है'14 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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