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नई फ़लस्तीनी कैबिनेट घोषित | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी संगठनों हमास और फ़तह के बीच गृह मंत्री के पद के लिए सहमति बनने के बाद राष्ट्रीय एकजुटता वाली सरकार के गठन का रास्ता साफ़ हो गया है और नई कैबिनेट की घोषणा भी कर दी गई है. प्रधानमंत्री इस्माईल हानिया ने हमास और फ़तह संगठनों के बीच महीनों की बातचीत के बाद गुरूवार को नई कैबिनेट की घोषणा कर दी है. राष्ट्रीय एकजुटता वाली सरकार के गठन के लिए इस्माईल हानिया और फ़तह के नेता और राष्ट्रपति महमूद अब्बास के बीच गुरूवार को भी बातचीत हुई थी जिसमें गृहमंत्री पद पर मतभेद दूर करने की कोशिश की गई. हमास के नेता और फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री इस्माइल हानिया ने फ़तह के नेता राष्ट्रपति महमूद अब्बास से बातचीत के बाद इस समझौते को अंतिम रूप दिया. इस्माईल हानिया ने गुरूवार को एक नई कैबिनेट की घोषणा करते हुए कहा कि इस कैबिनेट में फ़लस्तीनी समाज के सभी गुटों को प्रतिनिधित्व दिया गया है. नई कैबिनेट में वित्त, आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के पद हमास या फ़तह में से किसी गुट को नहीं मिले हैं. इनमें सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय की ज़िम्मेदारी एक शिक्षाविद हानी अल क़वास्मी को सौंपी गई है. फ़लस्तीनी सुरक्षा बल इसी मंत्रालय के तहत आते हैं. ग़ौरतलब है कि इस शनिवार को एक नई केंद्रीय सरकार के लिए फ़लस्तीनी संसद में मतदान होना है.
फ़लस्तीनी शहर रामल्ला में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि नई सरकार की सफलता की कसौटी ये होगी कि वह विभिन्न फ़लस्तीनी गुटों के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने में कामयाब हो पाती है या नहीं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस सरकार के साथ संबंध बनाने में इच्छुक होता है या नहीं. ग़ौरतलब है कि साल 2006 में हमास की सरकार बनने के बाद पश्चिमी देशों ने उसके साथ संबंध तोड़ दिए थे और सहायता भी बंद कर दी थी. उनका कहना है कि हमास जब तक इसराइल के वजूद को एक देश के रूप में मान्यता नहीं देता और हिंसा का रास्ता नहीं छोड़ता, तब तक हमास सरकार के साथ कोई संबंध नहीं रखा जाएगा. इसराइल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नई सरकार का मंच पीछे की तरफ़ जाता नज़र आता है क्योंकि इसमें हमास के मूल सिद्धांतों को नकारने के बारे में कुछ नहीं कहा गया है. समाधान माना जा रहा है कि नई सरकार के गठन के साथ ही फ़लस्तीनी प्रशासन के इन दोनों गुटों के बीच जारी तनाव को ख़त्म किया जा सकेगा. दोनों प्रमुख फ़लस्तीनी गुटों के बीच पिछले महीने राष्ट्रीय एकता की सरकार बनाने पर सऊदी अरब के शहर मक्का में सहमति बनी थी और दोनों पक्षों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. देश में राष्ट्रीय एकजुटता वाली सरकार के गठन के लिए जो समझौता हुआ था उसके मुताबिक नई सरकार को इसराइल के साथ अब से पहले हुए समझौतों का पालन करना होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें गज़ा से बीबीसी संवाददाता लापता12 मार्च, 2007 | पहला पन्ना इसराइली हमले में तीन की मौत28 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना त्रिपक्षीय वार्ताओं के लिए राइस इसराइल में18 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'मान्यता नहीं, तो सरकार का बहिष्कार'18 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी नेताओं की कोशिशें तेज़15 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना फ़तह और हमास के बीच समझौता08 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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