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इसराइली हमले में तीन की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइली सैनिकों ने फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट के जनीन शहर में हमला करके तीन लोगों को मार दिया है. इसराइली सेना ने कहा है कि ये तीनों लोग चरमपंथी संगठन इस्लामी जेहाद के सदस्य थे लेकिन समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने स्थानीय अस्पताल के एक अधिकारी के हवाले से ख़बर दी है कि मारे गए तीन लोगों में से एक आम आदमी था और ड्राइवर का काम करता था. इसराइली सेना ने आरोप लगाया है कि मारे गए तीन लोगों में से एक पिछले सप्ताह तेलअवीव में एक नाकाम आत्मघाती हमले के लिए ज़िम्मेदार था. फ़लस्तीनी सुरक्षा और चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि इसराइल की विशेष सैन्य टुकड़ी ने ये हमला किया. स्थानीय लोगों का कहना है कि तीनों फ़लस्तीनी एक वाहन में थे जब एक कार आई और उसमें सवार लोगों ने अंधाधुंध गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं. इस बीच इसराइली सैनिक पश्चिमी तट के एक अन्य शहर नाबलूस में भी लौट आए हैं और केंद्रीय इलाक़े की घेराबंदी कर दी है. इस इलाक़े को पुराना शहर के रूप में जाना जाता है. फ़लस्तीनियों का कहना है कि इसराइली सैनिकों ने एक मस्जिद को अपने क़ब्ज़े में ले लिया है और वहाँ पोज़ीशन संभाल ली हैं. फ़लस्तीनियों के अनुसार इसराइली सैनिकों ने अनेक लोगों को गिरफ़्तार भी किया है. नाबलूस में इसराइली सेना रविवार को दाख़िल हुई थी और तलाशी अभियान चलाने के बाद मंगलवार को सैनिक वहाँ से हट गए थे. एक इसराइली सैन्य प्रवक्ता ने कहा है कि नाबलूस में चरमपंथियों के नैटवर्क को समाप्त करने के लिए सैनिक मौजूदगी बढ़ाई गई है. फ़लस्तीनी नेताओं ने नाबलूस शहर में इससे पहले मारे गए छापों की निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह की गतिविधियों से इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच शांति की संभावनाएँ कम होती हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें ग़ज़ा में हिंसा, तीन की मौत24 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'मान्यता नहीं, तो सरकार का बहिष्कार'18 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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