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रविवार, 18 फ़रवरी, 2007 को 09:46 GMT तक के समाचार
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'मान्यता नहीं, तो सरकार का बहिष्कार'
ओल्मर्ट
एहुद ओल्मर्ट अमरीकी विदेश मंत्री से मुलाकात करेंगे
इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने कहा है कि अगर नई प्रस्तावित फ़लस्तीनी सरकार इसराइल को मान्यता नहीं देती है तो अमरीका और इसराइल उसका बहिष्कार करेंगे.

प्रस्तावित फ़लस्तीनी सरकार में हमास सबसे बड़ा गुट है और वो इसराइल को मान्यता देने से इनकार करता आया है.

एहुद ओल्मर्ट का बयान अमरीकी विदेश मंत्री कॉंडीलीज़ा राइस से मुलाक़ात से पहले आया है.

रॉयटर्स के मुताबिक एहुद ओल्मर्ट ने कहा," अमरीका, रूस, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र ने जो शर्तें रखी हैं अगर फ़लस्तीनी सरकार उसे नहीं मानती है तब तक उसके साथ कोई सहयोग नहीं होगा."

पिछले वर्ष से ही यूरोपीय संघ, अमरीका और रूस ने फ़लस्तीनी सरकार पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए हैं.

त्रिपक्षीय वार्ता

कॉंडीलीज़ा राइस मध्य पूर्व शांति वार्ता पर बात करने के लिए इसराइल में हैं. कोंडोलीसा राइस ने इसराइल के विदेश मंत्री ज़िपी लिवनी के साथ वार्ता की है और रविवार को उनकी मुलाक़ात प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट से होनी है.

वे बाद में फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास से भी मिलेंगी जिसके बाद सोमवार को इसराइली और फ़लस्तीनी नेताओं के साथ त्रिपक्षीय वार्ता होगी.

राइस ने अपनी यात्रा के दौरान कहा है कि अब समय आ गया है कि इसराइल के साथ एक फ़लस्तीनी राष्ट्र के सपने को आगे बढ़ाया जाए.

उन्होंने कहा ' यह एक महत्वपूर्ण समय है इस पर बात करने का कि दो राष्ट्र एक दूसरे के साथ शांति और खुशहाली से कैसे रहें.'

यरुशलम में बीबीसी संवाददाता बेथनी बेल के अनुसार प्रेक्षक मानते हैं कि ओल्मर्ट और अब्बास जैसे बड़े नेता ऐसे क़दम उठा सकते हैं जो शांति प्रक्रिया को आगे न बढ़ने दे.

उदारता की अपील

इस्माइल हानिया और महमूद अब्बास
हानिया और अब्बास जैसे फ़लस्तीनी नेता बड़े फ़ैसले कर सकते हैं

इराक़ की राजधानी बग़दाद के औचक निरीक्षण के बाद इसराइल पहुंची राइस का कहना था कि फ़लस्तीनी पक्ष के उदारवादी लोगों को भी ये समझना होगा कि हिंसा का त्याग कर के ही आगे का रास्ता तय किया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि अमरीका फ़लस्तीनी सरकार के गठन का इंतज़ार कर रहा है और उसके बाद ही कोई बड़ा फ़ैसला लिया जाएगा.

उन्होंने कहा ' अगर कोई इसराइल आने के लिए अच्छे समय का इंतज़ार करे तो उसे आना ही नहीं चाहिए.'

गुरुवार को फ़लस्तीनी संगठन फ़तह के प्रमुख अब्बास ने पूर्व प्रधानमंत्री इस्माइल हानिया ने सरकार बनाने को कहा है.

पिछले महीने से अब तक हमास और फतह के बीच हिंसा में 90 से अधिक लोग मारे गए हैं.

उल्लेखनीय है कि फ़लस्तीनी संसद में हमास का वर्चस्व है और हमास इसराइल को देश के तौर पर मान्यता नहीं देता है.

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