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फ़लस्तीनी नेताओं की कोशिशें तेज़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री इस्माईल हानिया ने इस्तीफ़ा दे दिया है. इस्माईल हानिया के इस्तीफ़े को एक फ़लस्तीनी राष्ट्रीय एकजुटता वाली सरकार के गठन की दिशा में एक क़दम समझा जा रहा है. ग़ौरतलब है कि हमास और फ़तह संगठनों के नेताओं के बीच हाल ही में मक्का में एक समझौता हुआ था जिसमें राष्ट्रीय सरकार के गठन पर सहमति हुई थी. फ़तह संगठन के नेता और राष्ट्रपति महमूद अब्बास वाला फ़तह संगठन भी राष्ट्रीय एकजुटता वाली सरकार के गठन के लिए प्रयासरत था. राष्ट्रीय एकजुटता वाली सरकार में हमास और फ़तह संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. पिछले कुछ महीनों के दौरान हमास और फ़तह संगठनों के समर्थकों के बीच काफ़ी हिंसक घटनाएँ हुई थीं जिनमें लगभग बीस लोग मारे भी गए थे. टकराव दरअसल हानिया का संगठन हमास और अब्बास की पार्टी फ़तह सत्ता की लड़ाई में पिछले साल से टकराव के रास्ते पर हैं. फ़लस्तीन में पिछले साल दिसंबर के बाद से अब तक 80 लोग मारे गए हैं. इनमें से 60 लोग 25 जनवरी के बाद से शुरू हुए हिंसा के नए दौर में मारे गए. हमास इसराइल को मान्यता देने के लिए तैयार नहीं है और न ही हिंसा छोड़ने के लिए. जबकि फ़तह का मानना है कि इसराइल के ख़िलाफ़ हमले बंद करना ही उसे स्वतंत्र फ़लस्तीनी राष्ट्र पर बातचीत के लिए तैयार करने का रास्ता है. इस मतभेद के चलते वहाँ राष्ट्रीय सरकार का गठन भी नहीं हो पा रहा था. | इससे जुड़ी ख़बरें फ़तह और हमास के बीच समझौता08 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी नेता सऊदी शाह से मिले07 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना राष्ट्रीय सरकार बनने की उम्मीद:हानिया 06 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना संघर्ष विराम के बावजूद ग़ज़ा में झड़पें 03 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना हमास और फ़तह के बीच फिर संघर्ष 02 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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