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फ़लस्तीनी सरकार पर मिलीजुली प्रतिक्रिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी राष्ट्रीय एकता सरकार की स्थापना पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मिश्रित प्रतिक्रिया मिली है. अमरीका ने एहतियात के साथ प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उसका कहना है कि अपने पहले नीति निर्धारक भाषण यह कहना कि फ़लस्तीनियों को 'प्रतिरोध का अधिकार है' 'विचलित' करने वाला है. लेकिन इसराइल ने इस सरकार को सिरे से खारिज कर दिया है. यूरोपीय संघ ने कहा है कि वह फ़लस्तीनी राष्ट्रीय एकता सरकार के साथ काम करेगा बशर्ते वह इसराइल को मान्यता दे और हिंसा छोड़ दे. उधर फ़लस्तीनियों को उम्मीद है कि राष्ट्रीय एकता सरकार की स्थापना से पश्चिमी देशों का बहिष्कार ख़त्म हो सकेगा. पश्चिमी देशों में सिर्फ़ नॉर्वे ही है जिसने तुरंत इस सरकार को मान्यता देते हुए सभी प्रतिबंध हटा लेने की घोषणा की है. नॉर्वे फ़लस्तीनी प्रशासन को दान देने वाले देशों में प्रमुख देश है. उल्लेखनीय है कि कई महीनों की चर्चा, खींचतान और दोनों गुटों के बीच हुई हिंसा के बाद राष्ट्रीय एकता सरकार स्थापित हो सकी है. इसमें फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री इस्माइल हानिया की हमास और राष्ट्रपति महमूद अब्बास की फ़तह पार्टी दोनों शामिल हैं. शनिवार को फ़लस्तीनी संसद ने इस सरकार की स्थापना के लिए मतदान कर इसे मान्यता प्रदान की और इसके बाद मंत्रिमंडल ने शपथ ली. | इससे जुड़ी ख़बरें नई फ़लस्तीनी कैबिनेट घोषित15 मार्च, 2007 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी नेताओं की कोशिशें तेज़15 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना राष्ट्रीय सरकार बनने की उम्मीद:हानिया 06 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना हमास और फ़तह के बीच फिर संघर्ष 02 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी गुटों में संघर्ष, 22 मारे गए28 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'अब्बास-मशाल के बीच मुलाक़ात होगी'21 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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