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इसराइल में हड़ताल समाप्त हुई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल में मज़दूर संगठन ने अपनी राष्ट्रव्यापी हड़ताल ख़त्म कर दी है. संगठन का कहना है कि कर्मचारियों के वेतन को लेकर उसने वित्त मंत्रालय के साथ समझौते पर हस्ताक्षर कर लिए हैं. मज़दूर संगठन ने हड़ताल का आह्वान किया था. हड़ताल के चलते कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हो गई थी और सार्वजनिक सेवाओं पर असर पडा था.. इसराइल के मज़दूर संगठन हिस्ताद्रूत ने सरकारी कर्मचारियों को वेतन ना मिलने के कारण हड़ताल का आह्वान किया था और इसमें क़रीब 4 लाख कर्मचारी हिस्सा ले रहे थे. मज़दूर संगठन हिस्ताद्रूत का कहना है कि क़रीब साढ़े तीन हज़ार कर्मचारियो को पिछले कई महीनों से वेतन नहीं मिला हैं. पहले भी जब इसराइल में ऐसी हड़ताल हुई थी तो सड़को पर कूड़े का ढेर लग गया था और फ़ोन और विद्युत सेवाएं ठप्प हो गई थी. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक ऐसे भी आरोप लगें हैं कि धन का दुरूपयोग किया गया, कुछ मामलो में पैसा हड़प लिया गया और नज़दीकी लोगो को फ़ायदा पहुँचाया गया. इसी कारण मज़दूर संगठन ने ये हड़ताल बुलाई है. हड़ताल के चलते इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट के लिए मुश्किल स्थिति पैदा हो गई थी. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक प्रधानमंत्री ओल्मर्ट किसी राजनीतिक पचड़े में नहीं फँसना चाहते थे क्योंकि ये समय उनके लिए अच्छा नहीं चल रहा है. उनकी लोकप्रियता महज़ तीन प्रतिशत है और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगें है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'नशेड़ी राजदूत' वापस बुलाए गए12 मार्च, 2007 | पहला पन्ना 'नकरात्मक प्रभाव वाला देश इसराइल'06 मार्च, 2007 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी सरकार पर मिलीजुली प्रतिक्रिया18 मार्च, 2007 | पहला पन्ना 'इसराइली हमलों के शिकार फ़लस्तीनी' 28 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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