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'इराक़ पर एक मौका और दें' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने अपने सातवें वार्षिक भाषण में अमरीकी नागरिकों से अपील की है कि इराक़ पर नई रणनीति को एक मौका दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इराक़ में विफल होने के और भी गंभीर परिणाम हो सकते हैं. विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के संसद के दोनों सदनों पर कब्ज़े के बाद उनका यह पहला संबोधन था. उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा, "अमरीका और उसके लोगों की सुरक्षा के लिए यह ज़रूरी है कि इराक़ सहित मध्य पूर्व में शांति और एक स्वतंत्र समाज की स्थापना के लिए काम किया जाए." उन्होंने कहा कि अमरीकी लोगों की सुरक्षा के लिए भी मध्यपूर्व और इराक़ में सफलता ज़रूरी है. हालांकि राष्ट्रपति के भाषण का अधिकांश हिस्सा अमरीका के अपने घरेलू मसलों पर ही केंद्रित रहा. इनमें सीमाओं को और सुदृढ़ बनाने से लेकर मेडिकल बीमा जैसे कई मुद्दे शामिल थे. माना जा रहा है कि राष्ट्रपति बुश की छवि में लगातार गिरावट आती जा रही है. इसका फ़ायदा विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को मिला है और उसने संसद के दोनों सदनों पर कब्ज़ा कर लिया है. 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध' राष्ट्रपति बुश ने 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध' के अपने नारे को दोहराते हुए कहा कि यह लड़ाई पीढ़ियों का संघर्ष है और यह जल्द ख़त्म होने वाला नहीं है. उन्होंने कहा कि इस संघर्ष को आगे ले जाने के लिए एक विशेष सलाहकार परिषद का भी गठन किया जाएगा. बुश अपने भाषण में चरमपंथ के सवाल को उठाने से नहीं चूके. उन्होंने कहा कि शिया और सुन्नी चरमपंथी दरअसल एक ही तरह के ख़तरे के दो अलग-अलग चेहरे हैं. बुश ने कहा, "अल क़ायदा और उसको मानने वाले सुन्नी चरमपंथी हैं जो एक संकीर्ण विचारधारा का अनुसरण करते हैं. इसके अलावा ख़तरा शिया चरमपंथियों से भी है जो कि मध्यपूर्व पर अपना प्रभाव क़ायम करना चाहते हैं. इनमें से कई ईरान और हिज़्बुल्ला से निर्दश ले रहे हैं." उन्होंने चेताया कि अगर अमरीका ब़गदाद की सुरक्षा सुनिश्चित किए बगैर अपने कदम पीछे हटाता है तो चरमपंथी ताकतें सत्ता पर अपना नियंत्रण बना सकती हैं जो कि सही नहीं है. घोषणाएँ अमरीका की सैन्य क्षमता में बढ़ोत्तरी की घोषणा करते हुए बुश ने कहा कि अगले पाँच वर्षों में 92,000 सैनिकों की भर्ती की जाएगी.
बुश ने अपने भाषण में कहा कि सीमाओं को और अधिक सुरक्षित करने के लिए बार्डर पैट्रोलिंग को दोगुना कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अमरीका में अस्थाई रूप से आकर काम करने वाले विदेशी लोगों के लिए एक वैधानिक व्यवस्था बनाई जाएगी. दुनिया में पैट्रोलियम पदार्थों की तेज़ी से घटती मात्रा पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि अगले 10 वर्षों में पैट्रोल पर निर्भरता को 20 प्रतिशत तक कम करने का प्रयास किया जाएगा. बुश ने अपने भाषण में परमाणु ऊर्जा पर ज़ोर देते हुए कहा कि परमाणु ऊर्जा को और भी सुरक्षित और साफ़ तौर पर विकसित करने की ज़रूरत है. छवि पर बट्टा हाल में बीबीसी के लिए ग्लोबस्कैन के सर्वेक्षण से पता चलता है कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में अमरीकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं और उसकी छवि ख़राब हुई है. सर्वेक्षण में शामिल हुए लोगों में से तीन चौथाई ने अमरीका की इराक़ नीति को ख़ारिज कर दिया. इस सर्वेक्षण में नवंबर से जनवरी के बीच 25 देशों के लगभग 26 हज़ार लोगों से रायशुमारी की गई. ख़ुद सर्वेक्षण में शामिल किए गए अमरीकी लोगों ने बहुमत से इराक़ युद्ध और जलवायु परिवर्तन पर बुश प्रशासन की नीतियों को ठुकरा दिया. ऐसा लगता है कि विदेशों में अमरीका की धूमिल होती छवि का मुख्य कारण इराक युद्ध ही है और दुनिया भर में इसे लेकर जो गहरे अविश्वास का वातावरण है, उसकी झलक अमरीका में भी देखने को मिलती है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'दुनिया में अमरीका की छवि ख़राब हुई'23 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना बुश प्रशासन की कड़ी आलोचना20 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना बुश सांसदों को समझाने में जुटे18 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'पिछले साल 34 हज़ार इराक़ी मारे गए'16 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना बुश अपनी इराक़ नीति पर दृढ़15 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में और सैनिक भेजने की घोषणा 11 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'दुनिया में बहुमत यातना के ख़िलाफ़'19 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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