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कीनिया में हिंसा, 43 की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कीनिया में राष्ट्रपति चुनाव के बाद हुई हिंसा के कारण किसुमु शहर में कम से कम 43 लोग मारे जा चुके हैं. चुनाव में वर्तमान राष्ट्रपति मुवाई किबाकी को विजेता घोषित किया गया है लेकिन उनके प्रतिद्वंद्वी रैला ओडिंगा का कहना है कि उन्हें जीत से वंचित किया गया है. कीनिया की राजधानी नैरोबी और मुम्बासा में हिंसा हुई है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जब प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंके तो पुलिस ने उन पर गोली चलाई. कीनिया में चार दिन पहले हुए राष्ट्रपति पद के चुनावों के बाद राजनीतिक उठापटक जैसी स्थिति बन गई है. इन चुनावों में राष्ट्रपति मुवाई किबाकी को विजयी घोषित किया गया है. लेकिन विपक्षी उम्मीदवार राएला ओडिंगा चुनाव परिणाम को मानने से इंकार कर रहे हैं. उन्होंने सरकार पर परिणामों में धांधली करने का आरोप लगाया है. इससे पहले कई शहरों में दंगे भी भड़क उठे. यूरोपीय संघ के पर्यवेक्षकों ने कहा है कि कीनिया का चुनाव आयोग चुनाव की विश्वसनीयता सुनिश्चित नहीं कर सका है. राजनीतिक अस्थिरता राष्ट्रपति किबाकी दूसरी बार ये पद संभालेंगे. कीनिया के चुनाव आयोग के अध्यक्ष सैम्युअल किवूइतू ने कहा कि श्री किबाकी ने अपने प्रतिद्वन्द्वी राएला ओडिंगा को दो लाख से भी अधिक मतों से हराया है. जैसे ही चुनाव परिणाम की घोषणा हुई, राजधानी नैरोबी में दंगे भड़क उठे जहां ओडिंगा की लुओ जनजाति के लोगों ने किबाकी की किकूयू जनजाति के लोगों पर हमला किया. लुओ जनजाति के गृहप्रदेश पश्चिमी कीनिया से भी हिंसा के समाचार आए हैं जहां कम से कम दस लोग मारे गए हैं. विपक्षी उम्मीदवार राएला ओडिंगा ने मतगणना के पुनर्मूल्यांकन की मांग की है. उन्होने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा कि वो मतपत्रों की गणना की मांग नहीं कर रहे बल्कि परिणामों को पूर्ण रुप से उजागर करने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना था 'मैं मतपत्रों की गणना की मांग नहीं कर रहा बल्कि ये कह रहा हूं कि जो परिणाम मौजूद हैं उन्हे बताया जाए...एक एक चुनाव क्षेत्र का परिणाम. वो प्रत्येक चुनाव क्षेत्र का परिणाम घोषित करेंगे और उनके श्रोता इसकी पुष्टि करेंगे कि ये परिणाम सही हैं या नहीं.' दूसरी तरफ़ जैसे ही किबाकी की जीत की घोषणा हुई उन्होने अपने पद की शपथ ग्रहण कर ली. और देश को संबोधित करते हुए लोगों से एकता बनाए रखने का आह्वान किया. अपने संबोधन में उन्होंने कहा ' कीनिया के राष्ट्रपति के रूप में मैं प्रत्येक नागरिक की सेवा करूंगा चाहे उसने किसी को भी अपना वोट दिया हो. मैं आप सबसे आग्रह करता हूं कि चुनाव प्रक्रिया से उभरे आवेग को एक तरफ़ करके हम सब एक मज़बूत, संगठित, सम्पन्न और साम्यिक देश बनाने के लिए मिलकर काम करें.' इस बीच यूरोपीय संघ के चुनाव पर्यवेक्षकों ने चुनाव की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं. ब्रिटन ने इन अनियमितताओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है यूरोपीय संघ चुनाव परिणाम की जांच करेगा. उधर अमरीका ने किबाकी के दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने पर उन्हे बधाई दी है और सभी पक्षों से चुनाव परिणाम का आदर करने का आग्रह किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें वंगारी मथाई को नोबेल शांति पुरस्कार08 अक्तूबर, 2004 | पहला पन्ना मसाई लोगों के देश में07 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना हवाई अड्डा ही है देश, घर-बार सब कुछ24 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना कीनिया में नरसंहार के बाद दहशत14 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना कीनियाई विमान कैमरून में दुर्घटनाग्रस्त05 मई, 2007 | पहला पन्ना विमान की तलाशी का काम फिर शुरू05 मई, 2007 | पहला पन्ना विमान का मलबा दिखा पर खोज जारी06 मई, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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