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वंगारी मथाई को नोबेल शांति पुरस्कार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इस साल का नोबेल शांति पुरस्कार कीनिया की वंगारी मथाई को दिया गया है. पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली मदाई यह पुरस्कार पाने वाली पहली अफ़्रीकी महिला हैं. उन्हें अल्फ़्रेड नोबेल की पुण्यतिथि 10 दिसंबर को एक करोड़ स्वीडिश क्रोनर यानी 13 लाख डॉलर का यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा. नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में मथाई के नाम की घोषणा करते हुए पुरस्कार समिति के अध्यक्ष ओले डैनबोल्ट म्योस नि कहा, "पहली बार पर्यावरण ने नोबेल शांति पुरस्कार का एजेंडा तय किया है. हमने शांति में एक नया आयाम जोड़ा है." वंगारी मथाई इस समय कीनिया की पर्यावरण उपमंत्री हैं. उन्होंने अफ़्रीका में वृक्षारोपण का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम शुरू किया है. ग्रीन बेल्ट या हरित पट्टी नामक इस कार्यक्रम के तरह अफ़्रीका भर में तीन करोड़ से ज़्यादा पेड़ लगाए गए. वह मानवाधिकार के क्षेत्र में भी सक्रिय रही हैं. पर्यावरण और शांति नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चुने जाने के बाद वंगारी मथाई ने नॉर्वे टेलीविज़न पर कहा, "शांति के लिए पर्यावरण बहुत महत्वपूर्ण है. जब हम अपने संसाधनों को नष्ट करते हैं और हमारे संसाधन सीमित हो जाते हैं तो उनके लिए हम लड़ाइयाँ लड़ते हैं."
कीनिया सरकार के प्रवक्ता अल्फ़्रेड मुतुआ ने कहा कि आज का दिन कीनिया के इतिहास का एक महान दिन है. हालाँकि 64 वर्षीया मथाई से पहले छह अफ़्रीकी यह पुरस्कार पा चुके हैं, लेकिन उनमें कोई महिला शामिल नहीं है. माना जाता है कि पुरस्कार के लिए नामांकित 194 लोगों और संगठनों की सूची में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व हथियार निरीक्षक हांस ब्लिक्स के साथ-साथ अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की जोड़ी के भी नाम थे. |
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