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कीनिया में नरसंहार के बाद दहशत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कीनिया के एक गाँव में नरसंहार में 70 से ज़्यादा लोगों के मारे जाने के बाद दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग बहुत डरे हुए हैं. देश के पूर्वोत्तर में स्थित तुरबी गाँव में सशस्त्र हमलावरों ने मंगलवार को धावा बोला था जिसमें पुलिस ने 20 बच्चों समेत कम से कम 70 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है. हमलावर मारकाट मचाने के बाद मवेशी और ऊँट लूट कर ले गए. स्थानीय लोगों का कहना है कि हमलावर पड़ोसी देश इथियोपिया की सीमा की ओर भागे हैं. राष्ट्रपति म्वाई किबाकी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि हमलावरों को ढूँढ निकाला जाएगा. अभियान एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गेराल्ड ओलुच ने बीबीसी को बताया कि कीनिया-इथियोपिया सीमा पर हमलावरों को घेरने की कोशिश की जा रही है और लूटे गए मवेशियों में से कुछ को बरामद कर लिया गया है. इस अभियान में सेना की भी सहायता ली जा रही है. कीनिया के सीमावर्ती इलाक़ों में मवेशियों की लूटपाट के दौरान हिंसा की तो पहले भी होती रही हैं, लेकिन तुरबी की घटना कीनिया के इतिहास में इस तरह की सबसे बड़ी घटना है. संवाददाताओं के अनुसार इस इलाक़े के शहर मरसाबित में तनाव बहुत बढ़ गया है. बड़ी संख्या में आसपास के गाँवों के भयाक्रांत लोग भाग कर इस शहर की ओर पलायन कर रहे हैं. कीनिया से बीबीसी संवाददाता एडम मैनॉट के अनुसार मरसाबित के अस्पतालों में तुरबी हमले में घायल कई लोगों का इलाज किय जा रहा है. |
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