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शुक्रवार, 02 नवंबर, 2007 को 23:39 GMT तक के समाचार
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'संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि बर्मा छोड़ें'
बर्मा
राजधानी रंगून में बड़े पैमाने पर दंगो निरोधक पुलिस तैनात की गई है
बर्मा की सरकार ने वहाँ मौजूद संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ प्रतिनिधि चार्ल्स पेट्री को देश छोड़ने के निर्देश दिए हैं. अमरीका ने इस पर सख़्त प्रतिक्रिया दी है.

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के प्रवक्ता ने कहा कि पेट्री के साथ जो व्यवहार हुआ है वो पूरी तरह से अस्वीकार्य है.

ऐसा माना जा रहा है कि पेट्री ने बर्मा की बिगड़ती आर्थिक स्थिति के लिए सैनिक सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया था जिसके बाद देश भर में प्रदर्शन हुए थे.

इसके बाद उन्हें बर्मी अधिकारियों ने पेट्री को तलब किया जहाँ उन्हें बताया गया कि सरकार उनकी सेवा विस्तार को मंजूरी नहीं देगी.

इस बीच संयुक्त राष्ट्र के विशेष राजदूत इब्राहिम गम्बारी शनिवार को दूसरी बार बर्मा पहुँचने वाले है.

बौद्ध भिक्षुओं के नेतृत्व में हुए व्यापक प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई में कुछ लोग मारे भी गए थे.

गम्बारी ने संयुक्त राष्ट्र को दिए रिपोर्ट में स्पष्ट किया था कि वहाँ शांति बनाने में और समय लगेगा.

इस हफ़्ते शनिवार को भी बर्मा के केंद्रीय इलाक़े में सौ से ज़्यादा बौद्ध भिक्षुओं ने क़रीब एक महीने बाद फिर से मार्च निकाला है जिसमें उन्होंने नारे लगाए और प्रार्थनाएँ भी की.

एक महीना पहले सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर सैन्य सरकार के बल प्रयोग के बाद पहली बार ये प्रदर्शन किए गए हैं. उन प्रदर्शनों पर सैन्य सरकार जुंटा ने बल प्रयोग किया था और सरकारी बयानों के अनुसार उस बल प्रयोग में पकोक्कू नामक स्थान पर दस बौद्ध भिक्षु मारे गए थे, हालाँकि कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि मारे गए लोगों की संख्या कहीं ज़्यादा थी.

पकोक्कू रंगून से पश्चिमोत्तर में लगभग 630 किलोमीटर दूर है और बोद्ध अनुयाइयों का शिक्षा-दीक्षा केंद्र है.

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