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अमरीकी दूत बर्मा सरकार से बात करेंगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी दूत शरी विलारोसा बर्मा की सैनिक सरकार से बात करने वाली हैं. उधर सरकारी टेलीविज़न के मुताबिक सैनिक शासक जनरल थान श्वे लोकतंत्र समर्थक नेता सू ची से मिलने को तैयार हो गए हैं बशर्ते अमरीकी दूत विलारोसा के बातचीत का एजेंडा क्या होगा और वो किन-किन लोगों से मिलेंगी, इसकी जानकारी नहीं है. सैनिक सरकार और सू ची से बात कर चुके संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत इब्राहिम गाम्बरी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून को बर्मा की स्थितियों से अवगत कराया है. गाम्बरी के शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संबोधित करने की संभावना है. सरकारी रवैये में नरमी पिछले 15 वर्षों के दौरान यह पहला मौका है जब सैनिक शासक ने लोकतंत्र समर्थक सू ची से मिलने की मंशा जताई है. उल्लेखनीय है कि बर्मा में सैन्य शासन लागू है और वहाँ पिछले कुछ दिनों से सैन्य शासन के ख़िलाफ़ लोकतंत्र के समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं. इन प्रदर्शनों और अभियानों को दबाने के लिए हुए बल प्रयोग और हिंसा में दर्जन भर से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोगों को जेलों में डाल दिया गया है. संयुक्त राष्ट्र सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से बर्मा की ताज़ा राजनीतिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है. | इससे जुड़ी ख़बरें बर्मा के सैन्य शासक से मिले गम्बारी02 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना भारत भी बर्मा पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़02 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस बर्मा में बौद्ध मठ 'सील' किए गए28 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना बर्मा पर भारत की दुविधा और चुप्पी26 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बर्मा के ख़िलाफ़ नए प्रतिबंध लगेंगे24 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बर्मा में लोकतंत्र समर्थक नेता गिरफ़्तार26 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस बर्मा के ख़िलाफ़ सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव10 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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