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'लक्ष्य में नाकाम इराक़ सरकार' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक अमरीकी रिपोर्ट के अनुसार इराक़ की सरकार 'निष्क्रिय' है. वह अमरीका के निर्धारित 18 न्यूनतम मानदंडों यानी बेंचमार्क्स में से 11 में विफल रही है. गर्वमेंट अकाउंटेबिल्टी ऑफ़िस (जीएओ) की रिपोर्ट में ये बातें कही गई हैं. जीएओ अमरीकी कांग्रेस की वो शाखा है जो छानबीन करने का काम करती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इराक में राजनीतिक प्रक्रिया असंतोषजनक है और हिंसा का स्तर भी 'ऊँचा' बना हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार इराक़ी सरकार तीन मानकों पर खरी उतरी है और दूसरे चार पर उसने आंशिक प्रगति की है. यह रिपोर्ट ऐसे वक्त आई है, जब इराक़ में अमरीका के सबसे वरिष्ठ कमांडर ने बयान दिया है कि वह सैन्य कटौती की सिफ़ारिश कर सकते हैं. बचाव इस बीच अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने अपनी इराक़ नीति का बचाव किया है. सिडनी में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री जॉन हावर्ड के साथ बैठक के बाद बुश ने कहा, "सुरक्षा हालात बदल रहे हैं. इराक़ी संसद ने 60 विधेयक पारित किए हैं. इसका मतलब है कि सरकार ने काम करना शुरू कर दिया है." अमरीकी कांग्रेस ने इराक़ सरकार के लिए 18 राजनीतिक और सैन्य लक्ष्य निर्धारित किए थे. जीएओ को इन लक्ष्यों की छानबीन करने के लिए कहा गया था. जीएओ ने यह रिपोर्ट मंगलवार को जारी की. रिपोर्ट में साफ़ कहा गया है कि इराक़ सरकार जातीय हिंसा, तेल राजस्व की हिस्सेदारी के लिए नियम-क़ायदे बनाने जैसे लक्ष्यों को हासिल करने में विफल रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना अब भी सक्रिय है और अमरीका समर्थित इराक़ सरकार का प्रदर्शन बहुत ख़राब है. जीएओ के प्रमुख डेविड वॉकर ने कहा, " इराक़ियों की दैनिक जीवनचर्या में सुधार मसलन, सुरक्षा, साफ़ पानी, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए कुछ ख़ास नहीं किया गया." बुश को झटका जीएओ की रिपोर्ट बुश की अनबार प्रांत की यात्रा के ठीक एक दिन बाद आई है. बुश ने कहा था कि इराक़ में 30 हजार अतिरिक्त सैनिक भेजने के उनके फ़ैसले के अच्छे नतीजे आ रहे हैं. उन्होंने संकेत दिया था कि इराक़ में मिल रही सफलता कायम रहने पर सैनिकों की संख्या में कटौती की जा सकती है. जॉर्ज बुश अचानक सोमवार को इराक़ के दौरे पर पहुँचे थे. उनके साथ अमरीकी सुरक्षा सलाहकार स्टीफ़न हैडली भी थे. उनका विमान इराक़ के हिंसाग्रस्त अनबार प्रांत में उतरा. लगभग सात घंटे बिताने के बाद वो वापस लौट गए हैं. इराक़ यात्रा के दौरान जॉर्ज बुश ने वहाँ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी से मुलाक़ात की और अमरीकी सैनिकों को संबोधित भी किया. |
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