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इराक़ बम धमाकों में 250 लोगों की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार को किए गए बम हमलों में कम से कम 250 लोग मारे गए हैं. वर्ष 2003 के बाद किसी एक दिन में मारे जानेवाले लोगों की ये सबसे बड़ी संख्या है. इन हमलों में कुर्द समुदाय के यज़ीदी लोगों को निशाना बनाया गया था. मूसल शहर के नज़दीक हुए इन हमलों में लगभग 350 लोग घायल भी हुए हैं और बचाव दल अब भी लोगों को मलबे से निकालने की कोशिश कर रहे हैं. ये हमले एक टैंकर और तीन कारों का इस्तेमाल करते हुए किए गए थे. अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय ने बम धमाकों की निंदा की है और इन्हें 'निर्दोष नागरिकों पर हुए बर्बर हमले' करार दिया है. अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है," हम इराक़ी सरकार और इराक़ी सुरक्षा सेवाओं के साथ देश में स्थिरता कायम करने का करते हुए इन क्रूर हत्यारों को असफल करने का काम करते रहेंगे." बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमरीकी सेनाएँ इराक़ की राजधानी बग़दाद पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं जिससे अमरीकी अधिकारियों को भी यह आशंका है कि चरमपंथी रणनीति बदल कर अन्य जगहों पर हमले कर रहे हैं. कौन हैं यज़ीदी जिस जगह ये हमला हुआ है, वो सीरिया की सीमा से लगा उत्तरी इराक़ का दूरदराज़ का इलाक़ा है. अमरीकी सेना का कहना है कि यज़ीदी समुदाय के इलाक़े में पिछले हफ़्ते कुछ चिट्ठियाँ यहाँ वहाँ पड़ी मिली थीं जिनमें ये चेतावनी दी गई थी कि वो ये इलाक़ा छोड़ दें.
दरअसल, यज़ीदी समुदाय के लोग कुर्द हैं. लेकिन जहाँ अधिकतर कुर्द सुन्नी मुसलमान हैं, यज़ीदी सुन्नी नहीं हैं. यज़ीदी कहते हैं कि उनकी संस्कृति इस्लाम से पहले की है. कुछ कट्टपंथी मुसलमान यज़ीदी समुदाय को शैतान की पूजा करनेवाले लोग कहते हैं. यही कारण है कि कट्टरपंथी मुसलमान यज़ीदी समुदाय को अलग थलग रखने की कोशिश करते रहते हैं. यज़ीदी समुदाय के लोग इतने ख़ौफ़ में जीते हैं कि वे आम तौर पर ये बताने से भी कतराते हैं कि वो यज़ीदी हैं. मंगलवार के हमले में अधिकतर यज़ीदी ही मारे गए हैं. यज़िदियों पर पहले भी हमले हो चुके हैं. लेकिन विडंबना ही है कि अल्पसंख्यक यज़िदियों पर सद्दाम के तख्तापलट के बाद ये सबसे बड़ा चरमपंथी हमला हुआ है. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ में विद्रोही हमलों में दो सौ मारे गए14 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना बम धमाके में प्रांतीय गवर्नर की मौत11 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना सुरक्षा परिषद में इराक़ पर प्रस्ताव पारित10 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ से संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी वापस हों'08 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना 'बिजली-पानी को लेकर संकट गहराया'07 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना पाँच और सुन्नी मंत्रियों ने बहिष्कार किया 06 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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