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पाँच और सुन्नी मंत्रियों ने बहिष्कार किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में पाँच और कैबिनेट मंत्रियों ने कहा है कि वे सरकार का बहिष्कार करेंगे. इसके बाद शियाओं के नेतृत्व वाली सरकार में सुन्नियों की भागीदारी ख़त्म हो जाएगी. ये सांसद इराक़िया लिस्ट दल के हैं जो पूर्व प्रधानमंत्री अयाद अलावी के प्रति वफ़ादार हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इराक़ में मेल मिलाप की कोशिशों को इससे धक्का लगेगा और प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी की सरकार की मुश्किलें बढ़ जाएँगी. इराक़िया लिस्ट के सांसदों का कहना है कि उन्होंने सरकार का बहिष्कार करने का फ़ैसला इसलिए किया है क्योंकि राजनीतिक सुधार की उनकी माँग नहीं मानी गई है. अब तक 17 कैबिनेट मंत्री या तो इराक़ सरकार छोड़ चुके हैं या फिर फ़िलहाल उसमें भागीदार नहीं है. सुन्नियों के सबसे बड़े गुट 'इराक़ी एकॉर्डेंस ग्रुप' ने पिछले बुधवार को सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा की थी. इस ग्रुप के सरकार में छह कैबिनेट मंत्री थे. इस ग्रुप का कहना था कि शिया नेतृत्व वाले प्रशासन ने उनकी माँगें नहीं मानी हैं. उनकी एक माँग शिया चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने की भी थी. एकॉर्डेंस ग्रुप ने इससे पहले सरकारी गतिविधियों में हिस्सा लेना बंद कर दिया था और अपनी माँगों के संबंध में सात दिन का अल्टीमेटम दिया था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'इराक़ में एक लाख 90 हज़ार हथियार ग़ायब'06 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना सुन्नियों ने सरकार से समर्थन वापस लिया01 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना 'भ्रष्टाचार से पुनर्निर्माण का काम प्रभावित'30 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना इराक़ी शरणार्थियों को सहायता की गुहार26 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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