|
सुन्नियों ने सरकार से समर्थन वापस लिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में सुन्नियों के संगठन 'इराक़ी एकॉर्डेंस ग्रुप' ने सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा की है. उल्लेखनीय है कि इस ग्रुप के सरकार में छह कैबिनेट मंत्री हैं. इस ग्रुप का कहना है कि शिया नेतृत्ववाले प्रशासन ने उनकी माँगें नहीं मानी हैं. उनकी एक माँग शिया चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने की भी थी. ग्रुप का कहना है कि ये चरमपंथी सुन्नी मस्जिदों को निशाना बना रहे हैं और वे जातीय हिंसा के लिए ज़िम्मेदार हैं. इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने कई बार चरमपंथियों पर काबू पाने का वादा किया था लेकिन आलोचकों का कहना है कि वो इस दिशा में कुछ खास नहीं कर पाए. एकॉर्डेंस ग्रुप ने पिछले सप्ताह सरकारी गतिविधियों में हिस्सा लेना बंद कर दिया था और अपनी माँगों के संबंध में सात दिन का अल्टीमेटम दिया था. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अब इराक़ी सरकार का राष्ट्रीय स्वरूप नहीं रह गया है और इसमें शिया और कुर्द प्रतिनिधि ही रह गए हैं. हालांकि सुन्नी राजनीतिक प्रक्रिया में बने रहेंगे और उनके सांसद संसद की कार्रवाई में भी हिस्सा लेंगे. हिंसा की घटनाएँ दूसरी ओर इराक़ में हुई ताज़ा हिंसा की घटनाओं में कम से कम 50 लोग मारे गए हैं और 100 से अधिक लोग घायल हो गए हैं.
बग़दाद में एक पेट्रोल पंप के पास एक पेट्रोल ट्रक को उड़ा दिया गया जिसकी चपेट में आकर इतने लोगों की मौत हो गई. इसके पहले एक व्यस्त व्यापारिक इलाक़े में बम धमाका हुआ जिसमें कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई. इस हिंसा का निशाना अमरीकी सैनिक भी बने हैं. अमरीकी सेना का कहना है कि सड़क के किनारे एक बम के फटने के कारण उसके तीन सैनिक मारे गए और छह घायल हो गए हैं. |
इससे जुड़ी ख़बरें 'हर तीसरे इराक़ी को सहायता की ज़रूरत'30 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना इराक़ी शरणार्थियों को सहायता की गुहार26 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना इराक़ पर फिर ईरान-अमरीका वार्ता24 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना वार्ता के बाद फिर आरोपों का दौर24 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना जश्न मातम में बदला, 50 की मौत25 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना सीनेट ने इराक़ प्रस्ताव को नकारा18 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ में राजनीतिक प्रगति सीमित'12 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||