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सीनेट ने इराक़ प्रस्ताव को नकारा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य इराक़ से अप्रैल के अंत तक सेना वापस बुलाने के मुद्दे पर मतदान करवाने में सफल नहीं हो पाए हैं. इस मुद्दे पर रात भर बहस चली. 24 घंटे तक चली इस बहस के लिए ख़ास तौर पर तकीए, बिस्तर और खाने-पीने की चीज़ों का इंतज़ाम किया गया था. बहस का मकसद रिपब्लिकन पार्टी पर दबाव डालना था कि वे इराक़ से सेना को वापस बुलाएँ. लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के कई सदस्यों ने सेना वापसी की योजना को मानने से इनकार कर दिया. इन नेताओं ने कहा कि ये बहस प्रचार का एक स्टंट है. बहस में सीनेट सदस्यों को इस मुद्दे पर बहुमत तो मिल गया था लेकिन इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए जितने लोगों की ज़रूरत थी वो संख्या नहीं जुट सकी. वैसे अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश कह चुके हैं कि इराक़ से सेना बुलाने को लेकर किसी भी बिल को वो वीटो करेंगे. रिपब्लिकन पार्टी के कई सदस्यों ने राष्ट्रपति बुश की इस बात का समर्थन किया है कि इराक़ पर दिशा बदलने से पहले 15 सिंतबर को आने वाली इराक़ रिपोर्ट का इंतज़ार करना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ में हमले, 85 लोगों की मौत16 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना इराक़ से सेना बुलाने का प्रस्ताव पारित13 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ में राजनीतिक प्रगति सीमित'12 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ में सैनिक मोर्चे पर सफलता'12 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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