|
वार्ता के बाद फिर आरोपों का दौर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में अमरीकी राजदूत ने कहा है कि ईरान ने इराक़ में मिलिशिया गुटों को समर्थन और बढ़ा दिया है. जबकि ईरानी राजदूत ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि अमरीका के पास कोई सुबूत नहीं है. मंगलवार को अमरीका और ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच इराक़ में सुरक्षा की स्थिति को लेकर बातचीत हुई है. अमरीकी राजदूत रयान क्रॉकर का बयान इसी बैठक के बाद आया है. दोनों देशों के बीच 27 सालों में यह दूसरी सीधी वार्ता थी. इससे पहले 28 मई को दोनों देशों के बीच बातचीत हुई थी. रयान क्रॉकर ने कहा कि पिछली वार्ता के बाद माहौल ज़्यादा उत्साहजनक नहीं रहा है. उनका कहना था, पिछले कुछ महीनों में जो कुछ भी हुआ है, उससे तनाव बढ़ा ही है, कम नहीं हुआ है. आरोप-प्रत्यारोप अमरीका ने आरोप लगाया है कि ईरान इराक़ में हिंसा करवा रहा है जबकि ईरान की माँग है कि अमरीकी सेना इराक़ से वापस जाए. वैसे बैठक में अमरीका और ईरान के बीच एक सुरक्षा समिति बनाने पर सहमति हुई जिसमें सुन्नी चरमपंथियों की गतिविधियों पर लगाम लगाने पर बात होगी. ईरान के विदेश मंत्री ने उम्मीद जताई कि भविष्य में बातचीत के लिए समिति पर सहयोग करना अच्छा रहेगा. अधिकारियों के मुताबिक ये समिति इराक़ में अल क़ायदा जैसे संगठनों से होने वाले खतरे पर ध्यान देगी लेकिन उन मिलिशिया संगठनों पर नहीं जिनपर अमरीका का आरोप है कि उन्हें ईरान से मदद मिलती है. इराक़ के प्रधानमंत्री ने अपील की थी कि देश में स्थायित्व लाने के लिए उनका समर्थन करें. इसके बाद अमरीका-ईरान बातचीत हुई है. सोमवार को इराक़ी प्रधानमंत्री ने ईरानी और अमरीकी राजदूतों से अलग-अलग बातचीत की थी. अमरीका का कहना है कि हो सकता है कि इराक़ में पाँच ब्रितानी नागरिकों के अपहरण में ईरान का हाथ हो. वहीं ईरान का कहना है कि इराक़ में हिरासत में लिए गए उसके पाँच नागरिकों को छोड़ा जाए. | इससे जुड़ी ख़बरें सीनेट ने इराक़ प्रस्ताव को नकारा18 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ में राजनीतिक प्रगति सीमित'12 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना बुश प्रशासन पेश करेगा इराक़ पर रिपोर्ट12 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना इराक़ को लेकर ईरान-अमरीका वार्ता27 मई, 2007 | पहला पन्ना बुश ने सैन्य वापसी विधेयक वीटो किया01 मई, 2007 | पहला पन्ना बुश ने इराक़ पर धैर्य रखने की सलाह दी19 मार्च, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ समस्या का समाधान सेना नहीं'08 मार्च, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||