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बुश ने इराक़ पर धैर्य रखने की सलाह दी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि इराक़ में की जा रही ताज़ा कार्रवाई के परिणाम कुछ दिनों या सप्ताह में नहीं बल्कि महीनों बाद नज़र आएँगे. इराक़ पर हमले के चार साल पूरे होने पर दिए अपने भाषण में उन्होंने कहा कि वहाँ लोगों को ‘उम्मीद की किरण’ नज़र आ रही है. लेकिन साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यह अमरीकी अभी इराक़ से हट जाता है, तो उसके परिणाम गंभीर होंगे. राष्ट्रपति बुश ने कहा कि बग़दाद में 28 हज़ार अतिरिक्त सैनिक भेजने की उनकी योजना के नतीजे नज़र आने में कुछ वक्त लगेगा. उनका कहना था कि सुरक्षा योजना लागू होने के बाद 'कभी वक्त अच्छा होगा तो कभी ख़राब.' राष्ट्रपति बुश ने कहा,'' चुनौतियों को देखकर अभी वापसी का विकल्प हमने चुना तो उसके अमरीकी सुरक्षा के लिए गंभीर परिणाम होंगे.'' 'अमरीका पर भरोसा कम' अमरीकी राष्ट्रपति का बयान ऐसे वक्त आया है जब इराक़ में किए गए एक देशव्यापी सर्वेक्षण से पता चला है कि सिर्फ़ 18 प्रतिशत इराक़ियों को अमरीका के नेतृत्व वाली सेना पर भरोसा है जबकि 82 प्रतिशत लोग उस पर विश्वास नहीं करते हैं. सर्वेक्षण ने भाग लेने वालों में से 80 प्रतिशत लोगों को यह डर सताता है कि वे ख़ुद या उनके परिवार का कोई सदस्य हिंसा का शिकार हो जाएगा. बीबीसी और अमरीकी मीडिया संस्था एबीसी ने इराक़ पर हमले के चार साल पूरे होने पर संयुक्त रुप से यह सर्वेक्षण करवाया है. इराक़ियों से जब यह पूछा गया कि क्या उन्हें इराक़ की राष्ट्रीय सरकार पर भरोसा है तो आधे लोगों ने इसमें हामी भरी. सर्वेक्षण से पता चलता है कि इराक़ के भविष्य को लेकर नागरिक लगातार निराशावादी होते जा रहे हैं. लेकिन भारी हिंसा के बावजूद बहुमत (56 प्रतिशत लोगों) की राय है कि अब भी इराक़ में गृहयुद्ध की स्थिति नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीकी सेना पर विश्वास नहीं19 मार्च, 2007 | पहला पन्ना सेना बढ़ाने से हिंसा में कमी आई है:पेट्रास18 मार्च, 2007 | पहला पन्ना इराक़ के लिए पंचवर्षीय योजना घोषित17 मार्च, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ हिंसा के लिए अमरीका ज़िम्मेदार'10 मार्च, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी भेजे जाएंगे08 मार्च, 2007 | पहला पन्ना सद्दाम को फाँसी30 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना 9/11 के पाँच साल09 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में अब जीवन कैसा है?07 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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