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अमरीकी सेना पर विश्वास नहीं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में किए गए एक देशव्यापी सर्वेक्षण से पता चलता है कि सिर्फ़ 18 प्रतिशत इराक़ियों को अमरीका के नेतृत्व वाली सेना पर भरोसा है जबकि 82 प्रतिशत लोग उस पर विश्वास नहीं करते हैं. सर्वेक्षण ने भाग लेने वालों में से 80 प्रतिशत लोगों को यह डर सताता है कि वे ख़ुद या उनके परिवार का कोई सदस्य हिंसा का शिकार हो जाएगा. बीबीसी और अमरीकी मीडिया संस्था एबीसी ने इराक़ पर हमले के चार साल पूरे होने पर संयुक्त रुप से यह सर्वेक्षण करवाया है. इराक़ियों से जब यह पूछा गया कि क्या उन्हें इराक़ की राष्ट्रीय सरकार पर भरोसा है तो आधे लोगों ने इसमें हामी भरी. 'गृहयुद्ध नहीं' सर्वेक्षण से पता चलता है कि इराक़ के भविष्य को लेकर नागरिक लगातार निराशावादी होते जा रहे हैं. लेकिन भारी हिंसा के बावजूद बहुमत (56 प्रतिशत लोगों) की राय है कि अभी भी इराक़ में गृहयुद्ध की स्थिति नहीं है. सर्वेक्षण से ज़ाहिर होता है कि इराक़ी तेज़ी से विभाजित होते जा रहे हैं और कई विषयों पर शियाओं और सुन्नियों की राय एकदम विपरीत है. लेकिन विचारों में इस तरह के विभाजन के बाद भी सर्वेक्षण में भाग लेने वालों में से 58 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे इराक़ का विभाजन नहीं चाहते. कम से कम जाति या धर्म के कारण तो नहीं. बढ़ती नाख़ुशी सर्वेक्षण बताता है कि लोगों में पिछले दो वर्षों में नाख़ुश लोगों की संख्या बढ़ी है. यह पूछे जाने पर कि क्या उनका जीवन 'अच्छा' है, सिर्फ़ 39 प्रतिशत लोगों ने हाँ कहा, जबकि वर्ष 2005 में हाँ कहने वालों की संख्या 71 प्रतिशत थी. सर्वेक्षण में भाग लेने वाले ज़्यादातर लोगों का कहना था कि दिन प्रतिदिन के जीवन में संघर्ष बढ़ा है. और अब बिजली, साफ़ पानी और ईंधन के लिए मारामारी बढ़ी है. सुरक्षा को लेकर चिंता भी बेतरह बढ़ी है जो स्वाभाविक है. एक तिहाई से भी कम लोग (26 प्रतिशत) मानते हैं कि वे अपने घर के आसपास अपने आपको सुरक्षित महसूस करते हैं जबकि 2005 में ऐसा मानने वालों की संख्या 63 प्रतिशत थी. | इससे जुड़ी ख़बरें सेना बढ़ाने से हिंसा में कमी आई है:पेट्रास18 मार्च, 2007 | पहला पन्ना इराक़ के लिए पंचवर्षीय योजना घोषित17 मार्च, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ हिंसा के लिए अमरीका ज़िम्मेदार'10 मार्च, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी भेजे जाएंगे08 मार्च, 2007 | पहला पन्ना सद्दाम को फाँसी30 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना 9/11 के पाँच साल09 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में अब जीवन कैसा है?07 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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