BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 17 मई, 2007 को 13:09 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'इराक़ बिखराव के कगार पर'
इराक़
"इराक़ में सरकार का दबदबा कम नज़र आता है"
ब्रिटेन में विदेश नीति मामलों पर नज़र रखने वाली एक बुद्धिजीवी संस्था चैटम हाउस ने कहा है कि इराक़ बिखराव और व्यवस्था की नाकामी के कगार पर पहुँचा नज़र आता है और अमरीका और ब्रितानी रणनीति में तुरंत बड़े बदलावों की ज़रूरत है.

चैटम हाउस की ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि इराक़ सरकार आमतौर पर शक्तिहीन हो गई है और देश के बहुत से हिस्सों में उसका कोई असर नहीं है.

चैटम हाउस की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि इराक़ में सिर्फ़ एक लड़ाई नहीं बल्कि अलग-अलग इलाक़ों में अलग-अलग लड़ाइयाँ चल रही हैं. संस्था ने सुझाव दिया है कि अमरीका और ब्रिटेन को अपनी रणनीति में बड़े बदलाव करने चाहिए, मसलन इराक़ के पड़ोसी देशों से सलाह-मश्विरा लेना.

रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंटरनेशनल अफ़ेयर्स को विदेश नीति मामलों में काफ़ी भरोसेमंद माना जाता है और इसे काफ़ी सम्मान भी मिलता है. इसे चैटम हाउस के नाम से भी जाना जाता है और यह पहला मौक़ा नहीं है कि चैटम हाउस ने इराक़ में अमरीका और ब्रिटेन की रणनीति की आलोचना की है.

बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के संवाददाता जेम्स रॉबिंस का कहना है कि चैटम हाउस की यह ताज़ा रिपोर्ट मध्य पूर्व मामलों के विशेषज्ञ गैरेथ स्टेंसफ़ील्ड ने तैयार की है जिसमें इराक़ की स्थिति ख़ासी ख़राब बताई गई है.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इराक़ के बिखराव की संभावना लगातार बढ़ती नज़र आ रही है. गैरेथ स्टेंसफ़ील्ड का कहना है कि देश के अनेक हिस्सों में इराक़ सरकार का कोई प्रभाव नहीं है क्योंकि स्थानीय गुट अपना दबदबा बनाने के लिए लड़ाई करते नज़र आ रहे हैं.

अनेक गृहयुद्ध
 इराक़ में कोई एक गृहयुद्ध नहीं चल रहा है बल्कि अनेक गृहयुद्ध चल रहे हैं और विद्रोही गतिविधियों में अनेक समुदाय और संगठन शामिल हैं जो अपना दबदबा बनाने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं.
चैटम हाउस की रिपोर्ट

एक्सेप्टिंग रियलिटीज़ इन इराक़ यानी इराक़ में वास्तविकता को स्वीकार करना नामक इस रिपोर्ट में कहा गया है, "इराक़ में कोई एक गृहयुद्ध नहीं चल रहा है बल्कि अनेक गृहयुद्ध चल रहे हैं और विद्रोही गतिविधियों में अनेक समुदाय और संगठन शामिल हैं जो अपना दबदबा बनाने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं."

गैरेथ स्टेंसफ़ील्ड कहते हैं कि कुछ इलाक़ों में स्थानीय नेता अल क़ायदा की गतिविधियों को चुनौती देते हैं और वे अल क़ायदा के हस्तक्षेप को पसंद नहीं करते लेकिन स्पष्ट रूप से अल क़ायदा की गतिविधियों में तेज़ी देखी जा सकती है.

रिपोर्ट कहती है कि इराक़ के पड़ोसी देशों के पास ज़मीनी स्थिति को प्रभावित करने की क्षमता अमरीका और ब्रिटेन से ज़्यादा है.

ब्रितानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इराक़ में हालाँकि अनेक स्थानों पर हालात बेहद ख़राब हैं लेकिन अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग तरह के हालात हैं.

विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी एपी से कहा, "विद्रोहियों के ज़्यादातर हमले देश के 18 में से सिर्फ़ चार प्रांतों में होते हैं और उन चार प्रांतों में देश की क़रीब 42 प्रतिशत जनसंख्या रहती है."

प्रवक्ता ने कहा, "इराक़ ने कम वक़्त में लंबा सफ़र तय किया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इराक़ सरकार के साथ खड़ा रहना चाहिए."

बड़ी ज़िम्मेदारी

रिपोर्ट में इराक़ के सभी पड़ोसी देश - ईरान, सऊदी अरब और तुर्की पर आरोप लगाया है कि वे इराक़ में अस्थिरता पर मूक दर्शक बने हुए हैं और हर देश इराक़ में गतिविधियों को प्रभावित करने के लिए अपने अलग तरीके अपनाता है.

रिपोर्ट कहती है, "अगर नई रणनीतियों को इराक़ का बिखराव और नाकामी रोकनी है तो इस ज़मीनी वास्तविकता को समझना होगा."

इराक़
इराक़ में लगभग हर रोज़ हिंसा होती है

गैरथ स्टेंसफ़ील्ड का कहना है कि अमरीका ने हिंसा पर क़ाबू पाने के लिए जो सुरक्षा अभियान चलाया है उससे हिंसा पर नियंत्रण होने के बजाय वो हिंसा किन्हीं दूसरे इलाक़ों में फैल रही है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमरीका और ब्रिटेन में सरकारी स्तर पर यह चर्चा ज़ोरों पर है कि इराक़ में अमरीकी कमांडर जनरल डेविड पैट्रीयूज़ सुरक्षा अभियान पूरा करने के लिए संभवतः और समय देने की गुज़ारिश करेंगे ताकि कुछ ठोस नतीजे पेश किए जा सकें.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार अगर ऐसा होता है तो बुश प्रशासन के सामने एक नई असमंजस वाली स्थिति पैदा हो जाएगी.

रिपोर्ट में ब्रिटेन और अमरीकी सरकारों से अनुरोध किया गया है कि इराक़ में शिया विद्रोही नेता मुक़्तदा अल सद्र को दुश्मन नहीं मानकर उन्हें एक राजनीतिक सहगोगी के रूप में स्वीकार किया जाए. ग़ौरतलब है कि सद्र मेहदी सेना का नेतृत्व करते हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
इराक़ ने लगाई मदद की गुहार
03 मई, 2007 | पहला पन्ना
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>