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अमरीका ने 'वार ज़ार' नियुक्त किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारी लेफ़्टिनेंट जनरल डगलस ल्यूट को इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में जारी युद्ध से जुड़ी नीतियों के लिए ‘वार ज़ार’ पद पर नियुक्त किया है. जनरल ल्यूट इस वक्त अमरीकी रक्षा मंत्रालय में एक बड़े पद पर काम कर रहे हैं. बताया जाता है कि इस पद के लिए योग्य व्यक्ति की खोज काफ़ी दिनों से की जा रही थी लेकिन कई सैनिक अधिकारियों ने इसके लिए अपनी असमर्थता व्यक्त कर दी थी. माना जा रहा है कि 'वार ज़ार' का काम अमरीकी रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के बीच समन्वय स्थापित करना होगा. 'वार ज़ार' सैन्य मामलों में राष्ट्रपति को सलाह देगा, साथ ही सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में तालमेल बनाए रखने के लिए राष्ट्रपति कार्यालय की मदद करेगा. वो सीधे राष्ट्रपति बुश के निर्देश पर काम करेंगे. हालांकि उनकी नियुक्ति पर अमरीकी संसद की मोहर लगनी बाकी है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अक्सर विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के बीच विदेशी सैन्य मामलों को लेकर खींचतान रहती है. लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जनरल ल्यूट की ज़िम्मेदारियाँ और भूमिका क्या होगी. जनरल ल्यूट ऐसे वक्त यह ज़िम्मेदारी संभालने जा रहे हैं जब विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने इराक़ नीतियों को लेकर कड़ा रुख़ अपनाया है और आर्थिक सहायता को सीमित करने की कोशिश की है. | इससे जुड़ी ख़बरें सैनिकों की तैनाती की समयसीमा बढ़ी11 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना अफ़ग़ानिस्तान को 'अतिरिक्त सहायता'26 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना निर्दोषों को मारना बड़ी ग़लती थीः नैटो03 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना सैनिकों के सर्वे में चौंकाने वाले तथ्य04 मई, 2007 | पहला पन्ना 'सेनाओं को अभी इराक़ में रुकना होगा'12 मई, 2007 | पहला पन्ना आत्मघाती धमाके में 45 लोगों की मौत13 मई, 2007 | पहला पन्ना ईरान ने अमरीकी नीति की आलोचना की04 मई, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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