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बुधवार, 11 अप्रैल, 2007 को 20:12 GMT तक के समाचार
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सैनिकों की तैनाती की समयसीमा बढ़ी
रॉबर्ट गेट्स
अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने इस नए नियम की घोषणा की
अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में नियुक्त किए गए सैनिकों को अब 12 महीनों के बजाए 15 महीने अपनी सेवाएं देनी होंगी.

अमरीकी सैनिकों के लिए इस नए नियम की घोषणा रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने की.

घोषणा करते हुए रॉबर्ट गेट्स ने कहा, "अमरीकी सैनिकों को अब 12 महीने से पहले लौटने की अनुमति नहीं होगी. उन्हें 15 महीने तक अपनी सेवाएँ देनी होंगी. ऐसा ज़्यादा स्पष्टता और स्थिरता के लिए किया जा रहा है."

रक्षा मंत्री ने बताया कि यह नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.

हालांकि उन्होंने यह भी घोषणा की कि अपनी नियुक्तियों के बीच सैनिकों को एक वर्ष तक अमरीका में रहने का अवसर भी दिया जाएगा.

नापसंद बदलाव

वाशिंगटन से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सैनिकों के बीच यह नया नियम पसंद नहीं किया जाएगा.

 अमरीकी सैनिकों को अब 12 महीने से पहले लौटने की अनुमति नहीं होगी. उन्हें 15 महीने तक अपनी सेवाएँ देनी होंगी. ऐसा ज़्यादा स्पष्टता और स्थिरता के लिए किया जा रहा है
रॉबर्ट गेट्स, अमरीकी रक्षा मंत्री

साथ ही इससे अमरीकी सैनिकों की वापसी के लिए एक तय कार्यक्रम बनाने की माँग को भी बल मिलेगा.

इस नए नियम के दायरे में वे सैनिक तो आएंगे ही जिनकी आने वाले दिनों में अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ में नियुक्ति होनी है, साथ ही इराक़ में फिलहाल अभियान में शामिल सैनिकों पर भी यह नया नियम लागू होगा.

रक्षा मंत्री ने यह भी कहा है कि नई व्यवस्था तब तक प्रभावी रहेगी जबतक कि रक्षा मंत्रालय इस बात पर आश्वस्त नहीं हो जाता है कि सैनिकों की नियुक्ति की समयसीमा को फिर से 12 महीने का किया जाए.

बताया जा रहा है कि इस नए नियम को इसलिए लागू किया गया है ताकि चालू अभियानों के लिए सेना पर्याप्त संख्या में सैनिक उपलब्ध करवा सके.

इराक़ में इन दिनों क़रीब एक लाख, 45 हज़ार अमरीकी सैनिक तैनात हैं.

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