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'समयसीमा तय करना ग़ैर ज़िम्मेदाराना' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने डेमोक्रेटिक पार्टी पर आरोप लगाया कि उनका इराक़ से सैनिक वापसी की समयसीमा तय करना ग़ैर ज़िम्मेदाराना क़दम है. उन्होंने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने इराक़ में तैनात अमरीकी सैनिकों के अभियान की उपेक्षा की है. बुश ने चेताया कि अगर युद्ध अनुदान बिल पर गतिरोध को जल्द ही हल नहीं किया जाता है तो इसका ख़ामियाजा अमरीकी सैनिकों को उठाना पड़ेगा. ग़ौरतलब है कि पिछले दिनों अमरीकी सीनेट ने इराक़ से एक साल के भीतर सभी सैनिकों को वापस बुलाने संबंधी एक विधेयक को पारित कर दिया था. विधेयक के तहत अमरीकी सैनिकों को मार्च 2008 तक वापस आना है तभी अमरीकी सीनेट इराक़ में संघर्ष जारी रखने के लिए धन उपलब्ध कराएगा. सीनेट में पारित इस विधेयक को अमरीकी राष्ट्रपति के लिए एक चुनौती के तौर पर देखा गया था. आरोप-प्रत्यारोप सीनेट के इस फ़ैसले को ग़ैर ज़िम्मेदाराना बताते हुए अमरीकी राष्ट्रपति ने सीनेट पर आरोप लगाया कि सीनेट अमरीकी सैनिकों को उपकरण और प्रशिक्षण देनी की मूलभूत ज़िम्मेदारी से पीछे हट रही है. राष्ट्रपति बुश ने कहा, "सीनेट का यह फ़ैसला मेरे लिए अस्वीकार्य है और मै समझता हूँ कि अमरीका के लोगों को भी यह स्वीकार नहीं होगा." बुश ने कहा कि उनकी सैन्य रणनीति को पूरी मदद न मिलने के विपरीत परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं. उन्होंने कहा कि अनुदान रोकने से सैनिकों की वापसी में और देरी लगेगी और इसका ख़ामियाजा अमरीकी सैनिक और उनके परिवार के लोग उठाएँगे. | इससे जुड़ी ख़बरें सैन्य वापसी की तारीख़ तय की सीनेट ने29 मार्च, 2007 | पहला पन्ना सीनेट में सेना वापसी का प्रस्ताव पारित27 मार्च, 2007 | पहला पन्ना इराक़ से सेना वापसी की समय सीमा तय23 मार्च, 2007 | पहला पन्ना इराक़ के इर्द-गिर्द अमरीकी राजनीति19 मार्च, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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