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गुरुवार, 03 मई, 2007 को 12:58 GMT तक के समाचार
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इराक़ ने लगाई मदद की गुहार
नूरी अल मलिकी
मलिकी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की गुहार लगाई है
इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने अन्य देशों से अपील की है कि वे देश पर अपना क़र्ज़ माफ़ कर दें ताकि अर्थव्यवस्था को बहाल करने और उसे स्थिर बनाने में मदद मिल सके.

नूरी अल मलिकी ने इराक़ स्थिति पर मिस्र में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह अपील की है.

उन्होंने कहा कि इराक़ में बुनियादी सेवाओं का ढाँचा फिर से बनाने और अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने की परियोजना के लिए काफ़ी धन की ज़रूरत है.

मलिकी ने कहा, "हम इस सम्मेलन में अपने दोस्त और भाइयों से अपील करते हैं कि वे इराक़ पर अपना सभी क़र्ज़ माफ़ कर दें ताकि धन की ज़रूरत वाली योजनाएँ शुरू और पूरी की जा सकें."

हालाँकि सऊदी अरब के विदेश मंत्री सऊद अल फ़ैसल ने कहा है कि सिर्फ़ उनका देश ही इराक़ पर क़र्ज़ का कुछ हिस्सा माफ़ करने के लिए तैयार हुआ है.

अमरीका और इराक़ी अधिकारियों ने इससे पहले कहा था कि सऊदी अरब इराक़ पर अपने क़र्ज़ का क़रीब 80 प्रतिशत हिस्सा माफ़ करने के लिए तैयार है और यह रक़म क़रीब 17 अरब डॉलर बैठती है.

शर्म अल-शेख़ में दो दिन के इस सम्मेलन में इराक़ के पड़ोसियों और अमरीका समेत 60 से भी अधिक देश हिस्सा ले रहे हैं जिनमें अनेक धनी देश भी हैं.

नूरी अल मलिकी ने सम्मेलन में आए प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि वे एक लोकतांत्रिक और संघीय इराक़ के निर्माण में मदद करें.

सम्मेलन में 'इराक़ के लिए एक पंचवर्षीय अंतरराष्ट्रीय सहमति' योजना पर भी मुहर लगनी है.

नूर अल मलिकी
मलिकी का कहना है इसके ज़रिए हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहयोग बढ़ाना चाहते हैं

इसके तहत प्रजातांत्रिक प्रक्रिया अपनाने के बदले इराक़ को अरबों डॉलर की सहायता देने के साथ ही कर्ज़ माफ़ किया जाना संभावित है.

अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस इस सम्मेलन में सीरियाई विदेश मंत्री से भी मुलाक़ात करेंगी. दोनों देशों के बीच जनवरी 2005 के बाद से यह पहला उच्च स्तरीय संपर्क होगा.

कोंडोलीज़ा राइस ने यह भी संकेत दिया है कि वह सम्मेलन के मौक़े पर ही ईरानी विदेशमंत्री से भी मुलाक़ात कर सकती हैं.

इराक़ के विदेश मंत्री होशियार ज़ेबारी ने पिछले महीने बताया था, ''सुधारों के बदले सहायता देने के मसले पर गुरुवार को चर्चा होगी, जबकि शुक्रवार को हिंसा रोकने और सुरक्षा के मसले पर इराक़ के पड़ोसी देश चर्चा करेंगे.''

पहली बार इस सम्मेलन में अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ईरान और सीरिया के विदेश मंत्रियों के साथ एक मंच पर होंगी.

अमरीका-ईरान

राइस ने ईरान और सीरिया के विदेश मंत्रियों से द्विपक्षीय बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया है.

राइस ने कहा कि वह ईरान के विदेश मंत्री मनुचेर मोत्तकी से बात करने से परहेज नहीं करेंगी. उन्होंने कहा,''मैं किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हूँ.''

कोंडोलीज़ा राइस
राइस का कहना है कि अमरीका ईरान से हर मसले पर बात करने को तैयार है

हालांकि ईरान ने द्विपक्षीय बातचीत के मसले पर अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं लेकिन राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है, ''अमरीका अगर ईमानदार रवैया अपनाते हुए वार्ता के लिए क़दम उठाता है तो मैं इसका स्वागत करूंगा.''

इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अगर अमरीका सोचता है कि उसके दबाव से ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को रोक देगा तो वह 'ग़लती' कर रहा है.

अगर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बातचीत होती है तो ऐसा वर्ष 1980 के बाद पहली बार होगा जब अमरीका ने ईरान के साथ अपने संबंध ख़त्म कर लिए थे.

शर्म अल-शेख़ में गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र की ओर से तैयार की गई 'इराक़ के लिए अंतरराष्ट्रीय सहमति' योजना को 60 से अधिक देश मंजूरी देंगे.

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