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ईरान-अमरीका के बीच चर्चा संभव | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने इराक पर होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बैठक के दौरान ईरान के साथ बातचीत की संभावना को ख़ारिज नहीं किया है. मिस्र में गुरुवार को होने वाले इस सम्मेलन में ईरान भी भाग ले रहा है. हालाँकि राइस ने स्पष्ट किया है कि ईरान के विदेश मंत्री मनुचेर मोत्तकी के साथ द्विपक्षीय बातचीत में भी इराक़ में स्थिरता कायम करने की कोशिशों पर ही चर्चा होगी. इसका मतलब ये है कि वो ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा नहीं उठाएंगी. इस बीच अमरीकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने ईरानी मीडिया में छपी उन ख़बरों को निराधार बताया है जिसमें कहा गया है कि वो तेहरान जाने के लिए वीज़ा पाने की कोशिश कर रही हैं. पिछले लगभग 20 वर्षों में किसी भी वरिष्ठ अमरीकी अधिकारी ने ईरान का दौरा नहीं किया है. दोनों देशों के बीच 1979 की ईरानी क्रांति के बाद से ही कूटनयिक संबंध नहीं हैं. पेलोसी ने इसी माह शुरुआत में सीरिया की यात्रा की थी जिसे बुश प्रशासन ने निराशाजनक बताया था. ईरान की रज़ामंदी ईरान ने कहा है कि वह इराक़ की सुरक्षा स्थिति पर होने वाले क्षेत्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेगा. ईरान के विदेश मंत्री मनुचेर मोत्तकी की अगुआई में एक प्रतिनिधिमंडल इस सम्मेलन में हिस्सा लेगा. इस सम्मेलन को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें अमरीका की विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस भी शामिल हो रही है. मोत्तकी ने भी इसकी उम्मीद जताई है कि ईरान और अमरीका के बीच द्विपक्षीय बातचीत हो सकती है. शुरूआत में ईरान ने इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए बहुत दिलचस्पी नहीं दिखाई हो लेकिन अब वो शर्म अल शेख़ में होने वाली विदेश मंत्री स्तर की वार्ता का हिस्सा बनने को तैयार हो गया है. विश्लेषको का मानना है कि ये सम्मेलन ईरान के लिए यह साबित करने का अवसर होगा कि इराक़ में स्थिरता लाने के मुद्दे पर वो गंभीरता दिखा रहा है. इस बीच ईरान के विशेष दूत अली लारीजानी बातचीत के लिए इराक़ की राजधानी बग़दाद पहुँच रहे हैं. अमरीका बार-बार ये आरोप लगाता रहा है कि ईरान इराक़ में शिया विद्रोहियों को हथियार और प्रशिक्षण देता है. चर्चा ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अली लारीजानी मिस्र में होने वाले इराक़ सम्मेलन के बार में चर्चा कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि ईरान सम्मेलन में शामिल होने को किसी अन्य मुद्दे से नहीं जोड़ेगा जैसे कि बग़दाद में पकड़े गई पाँच ईरानियों की रिहाई. इराक़ की सुरक्षा स्थिति पर होने वाले सम्मेलन में अमरीका और इराक़ के पड़ोसी देश शामिल होंगे. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ईरान के लिए सम्मेलन में हिस्सा लेना सिर्फ़ इराक़ के भविष्य के हिसाब से ही अहम नहीं है, बल्कि इस लिहाज़ से भी कि क्या अमरीका के साथ उसकी फिर से बातचीत शुरू हो सकती है? एक इराक़ी कूटनयिक ने कहा है कि ये ईरान के लिए नाज़ुक समय है-ख़ासकर बाहरी दुनिया के साथ उसके बिगड़ते रिश्तों के हिसाब से. पिछले हफ़्ते यूरोपीय संघ की विदेश नीति के प्रमुख हाविए सोलाना अली लारीजानी से मिले थे. इसके बाद हाविए सोलाना ने कहा था कि वे मानते हैं कि ईरान अमरीका से बात करना चाहता है. | इससे जुड़ी ख़बरें करबला में विस्फोट, 55 की मौत28 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना इराक़ से सैनिक वापसी पर प्रस्ताव पारित26 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना ईरान की घोषणा पर तीखी प्रतिक्रिया09 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना 'ईरान परमाणु ईंधन तैयार करने में सक्षम'09 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना ईरानी दूत का प्रताड़ना का आरोप07 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना बंधकों की अदला-बदली से इनकार31 मार्च, 2007 | पहला पन्ना ईरान का 'अक्षम्य व्यवहार' निंदनीय : बुश31 मार्च, 2007 | पहला पन्ना ईरान के ख़िलाफ़ और प्रतिबंध25 मार्च, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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