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ईरान का 'अक्षम्य व्यवहार' निंदनीय : बुश | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ब्रितानी नौसैनिकों को बंदी बनाए रखने के ईरान के ' अक्षम्य व्यवहार ' की कड़ी भर्त्सना की है और कहा है कि वो इस संकट में पूरी तरह ब्रिटेन के साथ हैं. बुश का कहना था कि वो इस संकट की घड़ी में ब्रिटेन की सरकार का ' पुरज़ोर समर्थन ' करते हैं. दूसरी तरफ़ ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने ब्रिटेन को ' घमंडी और स्वार्थी ' कहा है. उनका कहना था कि ब्रिटेन के हमलावर सैनिक ईरान के समुद्र में घुसे जिसके जवाब में ईरानी सैनिकों ने पूरी बहादुरी से काम लिया. अक्षम्य व्यवहार मैरीलैंड के कैंप डेविड में राष्ट्रपति बुश ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा ' ब्रिटेन के नौसैनिकों को बंदी बनाना गंभीर मुद्दा है क्योंकि ईरान ने इराक़ के समुद्र से इन लोगों को पकड़ा है. ' उनका कहना था ' यह अक्षम्य व्यवहार है. मैं इस मुद्दे पर ब्लेयर सरकार का पुरज़ोर समर्थन करता हूं जो इस मुद्दे का शांतिपूर्ण हल करने के प्रयास कर रही है.' बुश का कहना था कि वो प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के साथ हैं और चाहते हैं कि ईरान जल्द से जल्द बंधकों को रिहा करे. दूसरी तरफ ईरानी राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने एंडीनमेश्क में माफी नहीं मांगने के लिए ब्रिटेन की आलोचना की.
उन्होंने कहा ' ब्रिटेन की आक्रमणकारी सेनाओं ने हमारी जल सीमा का उल्लंघन किया. हमारे सीमा सैनिकों ने बहादुरी का परिचय देते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया. ' उनका कहना था ' इसके बावजूद घमंडी ताकतें अपने घमंड और स्वार्थ के नशे में चूर हैं और इस तथ्य को झुठला रही हैं. ' अहमदीनेजाद ने कहा ' अपने नौसैनिकों के पकड़े जाने का बाद जहां ब्रितानी सरकार को माफी मांगनी चाहिए थी वहां यह सरकार दावा करने में लगी है हम उनके कर्ज़दार हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हल्ला कर रही है. ' ब्रिटेन और ईरान नौसैनिकों के बारे में अलग अलग दावा कर रहे हैं. जहां ब्रिटेन का कहना है कि उसके नौसैनिकों को इराकी जल सीमा में पकड़ा गया वहीं ईऱान का कहना है कि नौसैनिकों ने ईरान की जल सीमा का उल्लंघन किया है. हालांकि इस बयानबाज़ी के बीच बीबीसी संवाददाता जेम्स रुबिन्स का कहना है कि दोनों पक्षों में यह भावना आ रही है कि इस मुद्दे पर बातचीत की जानी चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें नौसैनिकों का मुद्दा यूरोपीय संघ में उठेगा30 मार्च, 2007 | पहला पन्ना नौसैनिकों से मिल पाएँगे ब्रितानी अधिकारी 29 मार्च, 2007 | पहला पन्ना नौसैनिकों की तस्वीरें ईरानी टीवी पर28 मार्च, 2007 | पहला पन्ना नौसैनिक मुद्दे पर ब्लेयर की चेतावनी27 मार्च, 2007 | पहला पन्ना ब्रिटिश नौसैनिकों से तेहरान में पूछताछ26 मार्च, 2007 | पहला पन्ना 'नौसैनिकों पर मुक़दमा चल सकता है'25 मार्च, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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