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करबला में विस्फोट, 55 की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के दक्षिणी शहर करबला में एक भीषण बम विस्फोट हुआ है जिसमें कम से कम 55 लोग मारे गए हैं और लगभग 70 घायल हुए हैं. शियाओं के पवित्र शहर करबला में पिछले क़रीब दो सप्ताहों में यह दूसरा इस तरह का हमला है. करबला में इमाम हुसैन और इमाम अब्बास के मज़ार हैं जो शिया मुसलमानों के बहुत पवित्र हैं ख़बरों के अनुसार कार बम के ज़रिए यह विस्फोट उस समय हुआ जब लोग वहाँ नमाज़ अदा करने के लिए जा रहे थे इसलिए वहाँ काफ़ी भीड़ जमा थी. बम विस्फोट इमाम अब्बास के मज़ार के निकट हुआ. वहीं पर एक मस्जिद भी है जिसका गुंबद सोने का है. हालाँकि उसके आसपास बाड़ भी लगी हुई थी. 14 अप्रैल को भी करबला में एक आत्मघाती हमला हुआ था जिसमें 42 लोगों की मौत हो गई थी. एंबुलेंस और अन्य राहतकर्मी घटनास्थल पर पहुँच गए हैं. बहुत से लोग जीवितों की तलाश कर रहे हैं. इराक़ी टेलीविज़न ने इन हमलों से प्रभावित लोगों की तस्वीरें दिखाई हैं जिनमें एक व्यक्ति को बेजान बच्चे क लेकर भागते हुए दिखाया गया है. घटनास्थल के पास एकत्र हुए लोगों में बहुत ग़ुस्सा है और बहुत से लोग अपने रिश्तेदारों की तलाश कर रहे थे. कुछ ने तो पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. उनका आरोप था कि पुलिस आम लोगों की हिफ़ाज़त करने में नाकाम रही है. करबला राजधानी बग़दाद से लगभग 100 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है. इस बीच शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र ने इराक़ से अमरीकी सेनाओं की वापसी की कोई समय-सीमा नहीं तय करने के लिए राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की आलोचना की. मुक़्तदा अल सद्र का बयान इराक़ी संसद में पढ़कर सुनाया गया. बयान में सद्र ने कहा गया कि अमरीकी सेनाओं के हट जाने के बाद भी हालात इससे ज़्यादा ख़राब नहीं हो सकते जितने कि पहले ही हो चुके हैं. |
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