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सद्र गुट से जुड़े मंत्रियों ने इस्तीफ़ा दिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में शिया नेता मुक़तदा अल सद्र ने देश की गठबंधन सरकार से अपने सदस्यों के अलग होने की घोषणा की है. मुक़तदा अल सद्र के गुट के छह सदस्य इराक़ी कैबिनेट में है. ये लोग चाहते हैं कि इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी अमरीकी सेना के इराक़ छोड़ने को लेकर समयसीमा तय करें. लेकिन नूरी अल मलिकी ने इस बात से इनकार किया है. उनका कहना है कि अमरीकी सैनिकों की वापसी इराक़ के हालात से जुड़ी हुई है. मुक़तदा अल सद्र से जुड़े नेता नसर रुबई ने कैबिनेट से अलग होने की घोषणा बग़दाद में एक पत्रकार वार्ता में की. अल सद्र का एक बयान पढ़ते हुए नसर रुबई ने कहा, "मंत्री तुरंत इराक़ी सरकार से हट रहे है-इस उम्मीद से कि ये पद ऐसे स्वतंत्र लोगों के दिए जाएँगे जो इराक़ियों की इच्छाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं." सैनिकों की वापसी की माँग विशेषज्ञों का कहना है कि नूरी अल मलिकी की सरकार को अभी खतरा नहीं है. पिछले हफ़्ते मुक़तदा अल सद्र के आह्ववान पर हज़ारों लोगों ने नजफ़ में एक रैली में हिस्सा लिया था. इस रैली का मकसद इराक़ में अमरीकी सेना की मौजूदगी का विरोध करना था. शिय नेता अल सद्र पहले भी सरकार से वापस हटने का क़दम उठा चुके हैं. इस साल जनवरी में ही उनके गुट ने दो महीनों से चला आ रहा संसद का बहिष्कार समाप्त किया था. उनकी मेहदी सेना को अमरीका इराक़ की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा ख़तरा बताता है. | इससे जुड़ी ख़बरें बग़दाद में कई विस्फोट, 60 की मौत15 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में धमाके, लगभग 50 की मौत14 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना हज़ारों की संख्या में शियाओं का प्रदर्शन09 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना 'अमरीकी सैनिकों से इराक़ छोड़ने को कहें'08 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना 'शिया लड़ाकों ने गतिविधियाँ रोकीं'01 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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