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इराक़ में धमाके, लगभग 50 की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में दो अलग-अलग आत्मघाती कार बम हमलों में लगभग 50 लोग मारे गए हैं और 160 से ज़्यादा घायल हुए हैं. शिया मुस्लिमों के पवित्र माने जाने वाले करबला शहर में धमाका एक बस अड्डे पर हुआ. विस्फोट का घटनास्थल इमाम हुसैन की दरगाह के पास है. इस विस्फोट में कम से कम 37 लोग मारे गए और 160 से ज़्यादा घायल हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि घटनास्थल पर अफ़रा-तफ़री मच गई और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हवा में गोली चलानी पड़ी. घटनास्थल पर 15 से अधिक एंबुलेंस पहुँच गईं और राहत कार्य काफ़ी देर तक चला. नाराज़ लोगों ने करबला में गवर्नर के दफ़्तर के बाहर प्रदर्शन किया और उनके इस्तीफ़े की माँग की. बग़दाद में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस हमले के काफ़ी गंभीर परिणाम हो सकते हैं क्योंकि यह शियाओं के धार्मिक स्थल के पास हुआ है. दक्षिणी बग़दाद में धमाका उधर दक्षिणी बग़दाद में जदरियाह पुल पर हुए बम धमाके में कम से कम दस लोग मारे गए हैं. कई कारें पुल से नीचे गिर गई हैं. गुरुवार को भी एक अन्य पुल को निशाना बनाया गया था.सराफ़िया पुल पर गुरुवार को बम से हमला किया गया था जिसमें आठ लोग मारे गए थे. ग़ौरतलब है कि मार्च के महीने में भी करबला में बम विस्फ़ोट हुआ था जिसमें सौ से अधिक लोग मारे गए थे. दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गुरुवार को इराक़ी संसद में हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ में पुलिस नाके पर हमला06 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना 'रॉकेट हमले' में 15 लोगों की मौत08 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना 'अमरीकी सैनिकों से इराक़ छोड़ने को कहें'08 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना हज़ारों की संख्या में शियाओं का प्रदर्शन09 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना सैनिकों की तैनाती की समयसीमा बढ़ी11 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना इराक़ी संसद पर हमला, आठ की मौत12 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना चरमपंथियों ने ली ज़िम्मेदारी13 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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