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'शिया लड़ाकों ने गतिविधियाँ रोकीं' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ी राष्ट्रपति जलाल तालाबानी ने कहा है कि शिया लड़ाकों की महदी आर्मी के नाम के संगठन ने मोक़्तदा सद्र के कहने पर अपनी गतिविधियाँ रोक दी हैं. राष्ट्रपति ने इसे अमरीकी-इराक़ी नई सुरक्षा योजना का हिस्सा बताया है. इराक़ में अमरीका के नए राजदूत रायन क्रूकर का स्वागत करते हुए उन्होंने यह बात कही. जबकि नए राजदूत ने उन्म्मीद जताई कि इराक़ स्थायित्व और समृद्धि की ओर बढ़ेगा. लेकिन यह बात उस समय कही गई है जब अधिकारी कह रहे हैं कि पिछले हफ़्ते इराक़ में हुआ बम विस्फोट सबसे भीषण विस्फोट था. गुरुवार को तालाफ़ार में हुए इस बम विस्फोट में मरने वालों की संख्या 152 तक जा पहुँची है. अब तक इराक़ में एक हमले में इतने ज़्यादा लोगों की मौत नहीं हुई थी. इस हमले के बाद शिया पुलिसकर्मियों ने बदले की कार्रवाई शुरु कर दी थी और कई सुन्नी लोगों को घरों से निकालकर गोली मार दी गई. रॉयटर समाचार एजेंसी का कहना है कि ये बम हमले आमतौर पर सुन्नी चरमपंथी कर रहे हैं और पिछले एक हफ़्ते में इराक़ भर में ऐसे हमलों में कम से कम 400 लोग मारे गए हैं. मेहदी आर्मी को अमरीका इराक़ की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा ख़तरा मानता है. राष्ट्रपति तालाबानी का कहना है कि लोग अब इराक़-अमरीका की सुरक्षा योजना को अमल में लाने में सहयोग कर रहे हैं. उनका कहना था, "भाई मोक़्तदा सद्र के निर्देश के बाद मेहदी आर्मी ने गतिविधियाँ बंद कर दी हैं और अब वे सुन्नी भाइयों पर पहले की तरह हमले नहीं कर रहे हैं." | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ में आत्मघाती हमले, 100 मरे29 मार्च, 2007 | पहला पन्ना सैन्य वापसी की तारीख़ तय की सीनेट ने29 मार्च, 2007 | पहला पन्ना बाथ समर्थकों को मुख्य धारा में लाने की पहल27 मार्च, 2007 | पहला पन्ना पुनर्निर्माण: अमरीकी विभागों की आलोचना23 मार्च, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में विद्रोहियों के साथ बातचीत21 मार्च, 2007 | पहला पन्ना 'अमरीकी सुरक्षा योजना विफल होगी'26 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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