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इराक़ में विद्रोहियों के साथ बातचीत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इराक़ी सरकार और कुछ विद्रोही गुटों के बीच बातचीत चल रही है. इराक़ के एक अधिकारी साद यूसुफ़ अल-मुत्तालिबी ने कहा कि इनमें से कोई भी गुट अल क़ायदा से संबंधित नहीं है. उनका कहना था कि बातचीत में ऐसी सहमति बन सकती है जिसमें विद्रोहियों के कुछ गुट हथियार छोड़ने को तैयार हो जाएं. इसके पहले इराक़ के उपराष्ट्रपति तारिक़ अल हाशिमी ने घोषणा की थी कि अल क़ायदा को छोड़कर हरेक के साथ बातचीत की जा सकती है. उन्होंने स्पष्ट किया था कि विद्रोहियों के डर और शंकाओं को दूर किया जा सकता है. तारिक़ अल हाशमी सुन्नी समुदाय से हैं और पिछले वर्ष शिया चरमपंथियों ने उनकी बहन और दो भाइयों की हत्या कर दी थी. संघर्ष इराक़ में जारी हिंसा के पीछे कई गुट सक्रिय हैं. इस हिंसा में हर महीने सैकड़ों लोगों की मौत हो रही है. दूसरी ओर इराक़ में सुरक्षाबलों का कहना है कि फ़लूजा में अल क़ायदा चरमपंथियों के साथ भीषण संघर्ष हुआ है जिसमें आठ चरमपंथी मारे गए हैं. इराक़ी प्रवक्ता के मुताबिक पाँच पुलिसकर्मी भी इसमें घायल हुए हैं. मंगलवार दोपहर को कई घंटों तक ये संघर्ष चला लेकिन इसके बारे में ख़बरें बुधवार को आनी शुरू हुईं. ये झड़पें ऐसे समय हुई हैं जब इराक़ पर अमरीका के नेतृत्व में हुए हमले के चार साल पूरे हो गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'इराक़ी शरणार्थियों की अनदेखी'20 मार्च, 2007 | पहला पन्ना सेना बढ़ाने से हिंसा में कमी आई है:पेट्रास18 मार्च, 2007 | पहला पन्ना इराक़ के लिए पंचवर्षीय योजना घोषित17 मार्च, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में ज़हरीली गैसों से हमला, आठ मरे17 मार्च, 2007 | पहला पन्ना ताहा यासीन की फाँसी की सज़ा बरक़रार15 मार्च, 2007 | पहला पन्ना बग़दाद में बम हमले, 40 से ज़्यादा मौत11 मार्च, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ हिंसा के लिए अमरीका ज़िम्मेदार'10 मार्च, 2007 | पहला पन्ना इराक़ी-ब्रितानी सेना की छापेमारी की जाँच05 मार्च, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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