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'अमरीकी सुरक्षा योजना विफल होगी' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के शिया कट्टरपंथी नेता मोक्तादा अल सद्र ने कहा है कि बग़दाद में अमरीकी सेना का सुरक्षा अभियान विफल हो जाएगा. सद्र ने अपने बयान में कहा है कि इराक़ में कोई भी सुरक्षा योजना तब तक सफल नहीं होगी जब तक कि इराक़ी सरकार ख़ुद अपने नागरिकों की सुरक्षा का दायित्व नहीं लेती. बग़दाद में एक के बाद एक कई बम धमाके होने के बाद सद्र का ये बयान आया है. ऐसे ही एक धमाके में 42 लोग मारे गए हैं और 55 घायल हुए हैं. ये धमाके इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी के उस बयान के एक दिन बाद हुए जिसमें उन्होंने कहा था कि अमरीकी सेना की सख़्ती के चलते जातीय हिंसा तेज़ हुई है. मोक्ताता अल सद्र ने एक बार फिर अमरीका से आह्वान किया है कि वो इराक़ से अपनी सेना वापस ले ले. छात्रों पर निशाना रविवार को हुए धमाकों में सबसे ज़्यादा नुकसान 'कॉलेज ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन ऐंड इकोनॉमिक्स' के पास हुआ और यहीं सबसे अधिक लोग मारे गए. इनमें से अधिकतर छात्र थे जो परीक्षा देने कॉलेज परिसर की ओर जा रहे थे. इस कॉलेज पर मोक्तादा अल सद्र का नियंत्रण है. एक 22 वर्षीय छात्र ने आपबीती सुनाते हुए कहा, "अचानक एक विस्फोट हुआ. मुझे 15 मिनटों तक कुछ पता ही नहीं चला और जब मैं होश में आया तब अस्पताल में था." | इससे जुड़ी ख़बरें आत्मघाती हमले में 40 की मौत25 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना ब्रिटेन में बड़े पैमाने पर युद्ध विरोधी प्रदर्शन24 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना हिंसा में कमी का दावा, धमाका भी24 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना अमरीकी सैनिक को सौ साल की जेल23 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना ब्रितानी सैनिकों की वापसी का स्वागत 22 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ स्थिति पर ब्लेयर का रुख़ कड़ा22 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में ब्रितानी सैनिक घटेंगे21 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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