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बाथ समर्थकों को मुख्य धारा में लाने की पहल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ से मिल रही ख़बरों के मुताबिक वहाँ की संसद में एक विधेयक पेश होने वाला है जिसके ज़रिए सद्दाम हुसैन की बाथ पार्टी के पूर्व सदस्यों को सरकारी सेवाओं में लौटने की अनुमति मिलेगी. इन सरकारी सेवाओं में सेना की नौकरी भी शामिल है. यह विधेयक ख़ुद इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी और राष्ट्रपति जलाल तालाबानी की ओर से पेश किया जा रहा है. इस विधेयक के मंगलवार को संसद में पेश होने की संभावना है. इस क़दम को इराक़ के सुन्नी अरब समुदाय के तुष्टिकरण के रूप में देखा जा रह है और अमरीका भी इस तरह के पहल की वक़ालत करता रहा है. वर्ष 2003 में इराक़ पर हुए अमरीकी हमलों के बाद बाथ पार्टी के समर्थकों को सरकारी नौकरियों से निकाल दिया गया था. संवाददाताओं का कहना है कि कई बाथ पार्टी समर्थकों को वापस नौकरी पर रख लिया गया है. ख़ास कर शिक्षकों और सैनिक अधिकारियों को फिर से नौकरी दी गई है. अशांति इराक पह हमले के चार साल पूरे हो चुके हैं और इस दौरान हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. बीबीसी को मिली जानकारी के मुताबिक ब्रिटेन सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्वीकार किया है कि इराक युद्ध के बाद से लेकर अब तक वहाँ लगभग साढ़े छह लाख लोग मारे जा चुके हैं. यह संख्या ब्रितानी मेडिकल जर्नल 'द लांसेट' में प्रकाशित सर्वेक्षण में दर्शाई गई थी. सूचना की स्वतंत्रता क़ानून के तहत प्राप्त किए गए दस्तावेज़ों के मुताबिक ब्रितानी रक्षा मंत्रालय के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार ने इस सर्वेक्षण को सही बताया है. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ से सेना वापसी की समय सीमा तय23 मार्च, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में विद्रोहियों के साथ बातचीत21 मार्च, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ी शरणार्थियों की अनदेखी'20 मार्च, 2007 | पहला पन्ना अमरीकी सेना पर विश्वास नहीं19 मार्च, 2007 | पहला पन्ना चार साल में कुर्दों की स्थिति हुई बेहतर19 मार्च, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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