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चार साल में कुर्दों की स्थिति हुई बेहतर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पिछले चार सालों में इराक़ के दूसरे हिस्से के मुक़ाबले उत्तरी क्षेत्र में जीवन बेहतर और सुरक्षित रहा है. सद्दम हुसैन के अपदस्थ होने के एक दशक पहले से कुर्दों ने उत्तरी क्षेत्र में स्वघोषित स्वशासन स्थापित कर रखा था जिसे बाद में बग़दाद की केंद्रीय सरकार ने स्वीकार कर लिया और नए संविधान में मान्यता भी दे दी गई. आज कुर्दिस्तान क्षेत्र की अपनी सरकार और संसद है. इसके अलावा वे अपनी सुरक्षा व्यवस्था करने के लिए भी स्वतंत्र हैं. इस लिहाज से उत्तरी इलाक़े में दूसरे हिस्से के मुक़ाबले पिछले चार साल में कुर्दों का जीवन बेहतर रहा है. उन्हें दोतरफा फ़ायदा हुआ है. एक तो वे अपने मामले में स्वतंत्र हैं दूसरा केंद्रीय सरकार में भी उन्हें बड़ी हिस्सेदारी मिली है. राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और कई महत्वपूर्ण पदों पर कुर्द समुदाय के लोग हैं. तेल बँटवारा क़ानून के तहत उन्हें इराक़ में तेल से होने वाली आय से हिस्सा मिलता है. सुरक्षा के मसले पर स्वतंत्र होने से कुर्दों ने कुर्दिस्तान को शेष इराक़ से सुरक्षित बना रखा है. इससे यहाँ भवन निर्माण में तेज़ी आई है और निवेश बढ़ा है. जिससे काफ़ी संख्या में लोग रोज़गार की तलाश और हिंसा से बचने के लिए यहाँ पहुँचे हैं. समस्याएं भी लेकिन इन सारी सकारात्मक पहलुओं से यह अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए कि कुर्दों ख़ासकर युवाओं की कोई समस्या नहीं है. एक युवा ने कहा कि स्नातक होने के बाद यहाँ नौकरी नहीं मिलती है. इसके अलावा पेट्रोल, बिजली और पानी की समस्या है. साथ ही शादी न होने से भी युवा परेशान हैं. अधिक तेल की खोज कुर्दिस्तान को एक अलग राष्ट्र बनने की दिशा में प्रेरित कर सकता है. हालांकि उन्हें भी यह पता है कि इससे पड़ोसी प्रांत चिढ़ सकते हैं. इसलिए फ़िलहाल वे संतुलन साधने की कोशिश में हैं. वैसे अगर दूसरे हिस्सों में विखंडन होगा तो कुर्दिस्तान भी अलग राह चलने के लिए तैयार है. कुर्दिस्तान की क्षेत्रीय सरकार में मंत्री मुहम्मद ईशान कहते हैं,'' हमने कुर्दों से कहते हैं कि आर्थिक और भौगोलिक रूप से इराक़ का हिस्सा बने रहना हमारे लिए फ़ायदेमंद रहा है. क्योंक इससे हम ज़्याद फ़ायदा उठा सकते हैं. हालांकि वे साथ नहीं रहना चाहेंगे तो हम भविष्य में परिदृश्य के हिसाब से अलग रणनीति बनाएंगे.'' एकीकृत राष्ट्र के रूप में इराक़ का भविष्य अभी भी अधर में लटका हुआ है. तेल बाहुल्य दक्षिणी इराक़ में कुछ बड़ी शिया पार्टियाँ कुर्दिस्तान की तर्ज पर स्वायत्तता माँग रही हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ में तेल बँटवारा क़ानून27 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना इराक़ के लिए पंचवर्षीय योजना घोषित17 मार्च, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ हिंसा के लिए अमरीका ज़िम्मेदार'10 मार्च, 2007 | पहला पन्ना इराक़ में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी भेजे जाएंगे08 मार्च, 2007 | पहला पन्ना सद्दाम को फाँसी30 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में अब जीवन कैसा है?07 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में शिया गठबंधन सबसे बड़ी ताक़त13 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना इराक़ में एक और सामूहिक क़ब्र13 अक्तूबर, 2004 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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