BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 30 जुलाई, 2007 को 14:14 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'भ्रष्टाचार से पुनर्निर्माण का काम प्रभावित'
इराक़
रिपोर्ट में इराक़ में भ्रष्ट्राचार को लेकर चिंता जताई है
इराक़ में पुनर्निर्माण के काम में लगी अमरीकी एजेंसी ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि वहाँ व्याप्त आर्थिक कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार की समस्या चरमपंथ की समस्या से कम नहीं है.

अमरीकी कांग्रेस की ओर से नियुक्त मुख्य ऑडिटर स्टूअर्ट बॉवन ने कहा है कि इराक़ी सरकार अरबों डॉलर की योजनाओं की ज़िम्मेदारी लेने में विफल रही हैं.

उन्होंने कहा कि उनकी एजेंसी 50 से ज़्यादा धोखाधड़ी के मामलों की जाँच कर रही है.

स्टूअर्ट बॉवन की नियुक्ति वर्ष 2003 के बाद से इराक़ के लिए आवंटित 44 अरब डॉलर धनराशि का ऑडिट करने के लिए हुई थी. वहाँ से बड़े पैमाने पर धांधली और फ़िज़ूल खर्ची की ख़बरें आई थीं.

इराक़ पुनर्निर्माण एजेंसी वहाँ के हालात पर समय-समय पर रिपोर्ट जारी करती है. इनमें से ज़्यादातर रिपोर्टों में वहाँ के कामों में कोई प्रगति न होने की शिकायत की गई है.

ताज़ा रिपोर्ट में भी यही कहा गया है. स्टूअर्ट बॉवन ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि भ्रष्टाचार बड़े पैमाने पर है और ये लोकतंत्र का दुश्मन है.

उनका कहना था, "हमने 95 बार ऑडिट किया है जिनमें कई ख़ामियाँ पाई गईं. हम अभी धांधली के 57 मामले देख रहे हैं."

कुप्रबंधन

 भ्रष्टाचार बड़े पैमाने पर है और ये लोकतंत्र का दुश्मन है
स्टूअर्ट बॉवन

स्टूअर्ट बॉवन ने कहा कि इराक़ी सरकार को योजनाओं का हस्तांतरण मुश्किल साबित हो रहा है और इराक़ी मंत्री धनराशि का प्रबंधन नहीं कर पा रहे.

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष इराक़ सरकार ने अपने बजट का सिर्फ़ 22 फ़ीसदी हिस्सा पुनर्निर्माण की अहम योजनाओं पर खर्च किया जबकि आवंटित राशि में से 99 फ़ीसदी वेतन देने पर खर्च किया.

इराक़ी सांसद लभगभ पूरा अगस्त छुट्टी पर रहेंगे जबकि इराक़ में हालात को लेकर निराशाजनक रिपोर्टें आ रही हैं.

वहीं ऑक्सफ़ैम और कुछ अन्य ग़ैरसरकारी संगठनों की एक रिपोर्ट के अनुसार इराक़ में एक तिहाई आबादी को 'तत्काल सहायता' की आवश्यकता है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इराक़ी सरकार 80 लाख लोगों को पीने का पानी, खाना, साफ़-सफाई की व्यवस्था और रहने के लिए घर उपलब्ध नहीं करा पा रही है और उन्हें ‘तत्काल मदद’ की ज़रूरत है.

रिपोर्ट के मुताबिक़ इराक़ी सरकार अपने नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने में नाकाम रही है और 2003 में इराक़ पर अमरीकी हमले के बाद लगातार हिंसा के कारण इराक़ में मानवीय त्रासदी बढ़ी है.

रिपोर्ट में कहा गया कि हिंसा की वजह से लगभग 40 लाख इराक़ी नागरिकों को अपना घर छोड़ना पड़ा है.

इसमें से आधे जहां देश के भीतर ही विस्थापित हुए हैं वहीं बाकी 20 लाख पड़ोसी देशों में पलायन कर गए हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
जश्न मातम में बदला, 50 की मौत
25 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>