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'बिजली-पानी को लेकर संकट गहराया' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में अधिकारियों का कहना है कि वहाँ पानी और बिजली जैसी बुनियादी ज़ररूतों पर दबाव बढ़ता जा रहा है और स्थिति बद से बदतर हो रही है. इराक़ के विद्युत मंत्रालय ने पिछले हफ़्ते आगाह किया था कि पावर ग्रिड ठप्प होने के कगार पर है. कभी-कभी तो कई दिनों तक पानी की सप्लाई बंद रहती है और बिजली भी दिन में चंद घंटे ही उपलब्ध रहती है. बग़दाद से बीबीसी संवाददाता डेविड लॉयन का कहना है ये अमरीकी हमले से पहले सद्दाम हुसैन के ज़माने में कुप्रबंधन के कारण पैदा हुई बुनियादी ढाँचे की गड़बड़ियों का नतीजा है. अंतरारष्ट्रीय प्रतिबंधों ने हालत और ख़राब कर दिए हैं. लेकिन बग़दाद के लोगों का कहना है कि इस बार हालात पहले से ज़्यादा ख़राब है और दिन में दो घंटे से ज़्यादा बिजली नहीं आती. बिजली मंत्रालय का कहना है कि कई प्रांत बग़दाद तक सप्लाई नहीं आने देते और पूरी बिजली अपने लिए रख लेते हैं. इसके अलावा बिजली घरों की हालत भी ख़राब है. कुप्रबंधन इराक़ में पुनर्निर्माण के लिए ज़िम्मेदार अमरीकी फ़ौजी कमांडर जनरल माइकेल वॉल्श कहते हैं कि असल समस्या डीज़ल की है. बग़दाद में पानी साफ़ करने की इकाइयाँ काम तो कर रही हैं लेकिन बिजली न होने और पाइप टूटे होने के कारण ये पानी फिर से गंदा हो जाता है. जनरल वॉल्श ने बीबीसी को बताया है कि इराक़ के पुनर्निर्माण के लिए ज़रूरत की चौथाई रक़म ही उपलब्ध है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमरीका ने पुनर्निर्माण एक झटके में शुरू तो किया पर अब इराक़ी सरकार को ही दानदाता देशों से संपर्क करके इसे पूरा करना होगा. गर्मी के कारण हालात और खराब हो गए हैं. तुर्की की यात्रा इस बीच इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी तुर्की की यात्रा पर हैं. तुर्की के आम चुनावों के दो हफ़्ते बाद इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी की ये यात्रा काफ़ी दिलचस्प मानी जा रही है. इन चुनावों में बार बार तुर्की सेना उत्तरी इराक़ में घुसकर कुर्द विद्रोहियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की इजाज़त माँगती रही थी. दोबारा चुन लिए गए तुर्की के प्रधानमंत्री तैयिप एरदोगान को कुर्द विद्रोहियों के बारे में सीधे इराक़ी प्रधानमंत्री से बात करने का मौक़ा मिलेगा. उन्हें उम्मीद है कि इराक़ी प्रधानमंत्री कुर्द चरचमपंथी संगठन पीकेके के बारे में कुछ ठोस आश्वासन देंगे. इसके साथ ही दक्षिण-पूर्वी तुर्की में बढ़ती जा रही हिंसा को कम करने के बारे में भी बात होगी. दोनों देश एक दूसरे से आर्थिक सहयोग बढ़ाने के मुद्दे पर भी बात करेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें 'इराक़ से बड़ी संख्या में हथियार ग़ायब'06 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना पाँच और सुन्नी मंत्रियों ने बहिष्कार किया 06 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना सुन्नियों ने सरकार से समर्थन वापस लिया01 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना 'हर तीसरे इराक़ी को सहायता की ज़रूरत'30 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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