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मलिकी की क्षमताओं पर अमरीकी संदेह | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों की एक रिपोर्ट में इराक़ की नूरी अल-मलिकी की सरकार की शासन करने की क्षमताओं को लेकर गंभीर शंकाएँ ज़ाहिर की गई हैं. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इराक़ी नेता प्रभावी ढंग से शासन नहीं संभाल पा रहे हैं और आने वाले छह से बारह महीनों के भीतर इराक़ी सरकार और कमज़ोर हो जाएगी. 'नेशनल इंटेलिजेंस रिपोर्ट' में अमरीकी की सभी सोलह ख़ुफ़िया एजेंसियों की रिपोर्ट को शामिल किया गया है. यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब अमरीका में इस बात का दबाव बढ़ता जा रहा है कि इराक़ी नेता मलिकी को पद से हटने के लिए कहा जाना चाहिए. हालांकि राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने एक दिन पहले ही नूरी अल मलिकी की तारीफ़ करते हुए कहा था कि वे एक अच्छे इंसान हैं जो एक कठिन काम कर रहे हैं. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इराक़ी फ़ौजें अभी भी इस काबिल नहीं है कि वे अमरीकी फ़ौजों के बिना काम कर सकें. इसके अनुसार इराक़ में शिया और सुन्नी समुदायों के बीच बढ़ती दरार की वजह से राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती जा रही है. ख़ुफ़िया एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार इस साल की शुरुआत से अब तक इराक़ की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार तो हुआ दिखता है लेकिन यह बहुत असंतुलित सा है. रिपोर्ट के अनुसार हिंसा अभी भी बहुत हो रही है. बीबीसी के वॉशिंगटन संवाददाता जेम्स कुमारस्वामी का कहना है कि इस बात की संभावना कम है कि इराक़ में अमरीकी फ़ौजों को रोकने की वकालत कर रहे राष्ट्रपति बुश राजनीतिक विफलता को बहुत तवज्जो देंगे और वे सुरक्षा व्यवस्था को ही मुद्दा बनाए रखेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें डेमोक्रैटिक पार्टी ने बुश की आलोचना की23 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना इराक़ नया वियतनाम बन सकता है: बुश22 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना इराक़ बम धमाकों में 250 लोगों की मौत15 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना 'हर तीसरे इराक़ी को सहायता की ज़रूरत'30 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना इराक़ी शरणार्थियों को सहायता की गुहार26 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना मलिकी का नाराज़गी भरा बयान18 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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