|
इराक़ में जातीय गुटों के बीच समझौता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में शिया, सुन्नी और कुर्द नेताओं ने शांति समझौता किया है. प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने कहा है कि इससे जातीय हिंसा रोकने में मदद मिलेगी. मलिकी ने कहा कि यह समझौता इराक़ की राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का दूसरा चरण है. समझौते के तहत कुर्द और शिया समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले चार दलों ने आपस में हाथ मिलाया है. मलिकी ने कहा कि चारों दलों की साझा समिति ने कुछ मामलों का समाधान ढूंढ लिया है. हाल के दिनों में अमरीकी नेताओं ने मलिकी की काफी आलोचना की है लेकिन रविवार को हुए समझौते का बुश प्रशासन ने स्वागत किया है. मुद्दे इराक़ी नेताओं के समक्ष जो मुद्दे हैं, उनमें प्रांतीय चुनाव कराना और बाथ पार्टी के पूर्व सदस्यों के सिविल सेवा और सेना में नियुक्ति पर प्रतिबंध को ढीला करना शामिल है. बैठक के बाद प्रधानमंत्री मलिकी राष्ट्रपति जलाल तालाबानी, उपराष्ट्रपति तारिक़ अल हशैमी, अब्दलु महदी और कुर्द क्षेत्र के राष्ट्रपति मसून बरज़ानी एक मंच पर आए. हालाँकि बग़दाद स्थिति बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस तरह के कोई संकेत नहीं मिले हैं कि मज़बूत जनाधार वाली सरकार का पुनर्गठन निकट भविष्य में होने वाला है. | इससे जुड़ी ख़बरें बग़दाद: वित्त मंत्रालय से पाँच लोग 'अगवा'29 मई, 2007 | पहला पन्ना कार बम धमाके में 20 लोगों की मौत28 मई, 2007 | पहला पन्ना अमरीका-ईरान बातचीत 'सकारात्मक'28 मई, 2007 | पहला पन्ना सद्र की शांति योजना का स्वागत26 मई, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ हमले में शामिल होने का खेद नहीं'19 मई, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ बिखराव के कगार पर'17 मई, 2007 | पहला पन्ना अमरीका ने 'वार ज़ार' नियुक्त किया 16 मई, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||