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सद्र की शांति योजना का स्वागत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के उपराष्ट्रपति तारिक़ अल-हाशिमी ने शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के सुन्नी गुटों के साथ शांति स्थापित करने की योजना का समर्थन किया है. लंबे समय बाद मुक़्तदा अल सद्र शुक्रवार की नमाज़ के दौरान कूफ़ा में सार्वजनिक रूप से सामने आए थे. अपनी सुरक्षा पर ख़तरे को देखते हुए मुक़्तदा अल सद्र ने इराक़ छोड़ दिया था और पिछले कुछ दिनों पहले ही वे इराक़ लौटे हैं. इस दौरान उन्होंने ईरान का भी दौरा किया. उधर इराक़ के उपराष्ट्रपति तारिक़ अल-हाशिमी ने बीबीसी से कहा है कि वे मानते हैं कि मुक़्तदा अल-सद्र इराक़ के मेंहदी आर्मी के सबसे प्रभावशाली शिया नेता हैं. लेकिन साथ ही उन्होंने आशंका जताई है कि सद्र शिया लड़ाकों पर पूरी तरह से नियंत्रण रख सकते हैं. उल्लेखनीय है कि सद्र ने के वरिष्ठ सहयोगी अब्द अल महदी अल मुतैरी ने बीबीसी को बताया कि उनके संगठन ने कुछ उदारवादी सुन्नी नेताओं से बात की है जो अल क़ायदा के ख़िलाफ़ हैं और इराक़ के भविष्य को लेकर जिनके विचार उनसे मिलते हैं. उन्होंने बताया कि स्वतंत्र एकीकृत इराक़ की प्रतिबद्धता को लेकर एक चार्टर पर हस्ताक्षर भी किए गए हैं. इस चार्टर में कहा गया है कि स्वतंत्र और एकीकृत इराक़ किसी विदेशी एजेंडे के तहत नहीं होगा और इसी चार्टर के आधार पर अन्य इराक़ी गुटों से समझौता होगा. मुक़्तदा अल सद्र मेहदी सेना के प्रमुख हैं. इस गुट को इराक़ में जातीय हिंसा के लिए भी ज़िम्मेदार कहा जाता है. हाल के महीनों में मुक़्तदा अल सद्र के संगठन को इराक़ी सेना ने अपना निशाना बनाया है. |
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