BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 26 मई, 2007 को 00:27 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
सद्र की शांति योजना का स्वागत
मुक़्तदा अल सद्र
सद्र कई महीने बाद सार्वजनिक पुसे सामने आए
इराक़ के उपराष्ट्रपति तारिक़ अल-हाशिमी ने शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के सुन्नी गुटों के साथ शांति स्थापित करने की योजना का समर्थन किया है.

लंबे समय बाद मुक़्तदा अल सद्र शुक्रवार की नमाज़ के दौरान कूफ़ा में सार्वजनिक रूप से सामने आए थे.

अपनी सुरक्षा पर ख़तरे को देखते हुए मुक़्तदा अल सद्र ने इराक़ छोड़ दिया था और पिछले कुछ दिनों पहले ही वे इराक़ लौटे हैं. इस दौरान उन्होंने ईरान का भी दौरा किया.

उधर इराक़ के उपराष्ट्रपति तारिक़ अल-हाशिमी ने बीबीसी से कहा है कि वे मानते हैं कि मुक़्तदा अल-सद्र इराक़ के मेंहदी आर्मी के सबसे प्रभावशाली शिया नेता हैं.

लेकिन साथ ही उन्होंने आशंका जताई है कि सद्र शिया लड़ाकों पर पूरी तरह से नियंत्रण रख सकते हैं.

उल्लेखनीय है कि सद्र ने के वरिष्ठ सहयोगी अब्द अल महदी अल मुतैरी ने बीबीसी को बताया कि उनके संगठन ने कुछ उदारवादी सुन्नी नेताओं से बात की है जो अल क़ायदा के ख़िलाफ़ हैं और इराक़ के भविष्य को लेकर जिनके विचार उनसे मिलते हैं.

उन्होंने बताया कि स्वतंत्र एकीकृत इराक़ की प्रतिबद्धता को लेकर एक चार्टर पर हस्ताक्षर भी किए गए हैं. इस चार्टर में कहा गया है कि स्वतंत्र और एकीकृत इराक़ किसी विदेशी एजेंडे के तहत नहीं होगा और इसी चार्टर के आधार पर अन्य इराक़ी गुटों से समझौता होगा.

मुक़्तदा अल सद्र मेहदी सेना के प्रमुख हैं. इस गुट को इराक़ में जातीय हिंसा के लिए भी ज़िम्मेदार कहा जाता है. हाल के महीनों में मुक़्तदा अल सद्र के संगठन को इराक़ी सेना ने अपना निशाना बनाया है.

'इराक़ बिखराव के कगार पर'इराक़ बिखराव की ओर
इराक़ बिखराव और व्यवस्था की नाकामी के कगार पर पहुँचा नज़र आने लगा है.
जॉर्ज बुशइराक़ का असर
पिछले चार वर्ष में इराक़ नें अमरीकी राजनीति को सबसे अधिक प्रभावित किया है.
इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>