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रूस से चार ब्रितानी राजनयिक निष्कासित | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन और रूस के बीच चल रहा कूटनीतिक विवाद और बढ़ गया है. रूस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ब्रिटेन के चार राजनयिकों को अपने यहाँ से निष्कासित करने का फ़ैसला किया है. हालाँकि ब्रिटेन ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया है. कुछ दिन पहले ब्रिटेन ने भी रूस के चार राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था. मामला रूस के पूर्व जासूस एलेक्ज़ेंडर लित्विनेन्को की हत्या का है. ब्रिटेन ने लित्विनेन्को की हत्या के मामले में संदिग्ध आंद्रेई लुगोवोय के प्रत्यर्पण की मांग की थी. लेकिन रूस ने ऐसा करने से इनकार कर दिया. इसके बाद ही ब्रिटेन ने रूस के चार राजनयिकों को निकालने का फ़ैसला किया. अब रूस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ब्रिटेन के चार राजनयिकों को निकालने की घोषणा की है. इन चारों राजनयिकों को 10 दिनों के अंदर रूस छोड़ देना होगा. इसके अलावा अब रूस ब्रितानी अधिकारियों के वीज़ा आवेदन की भी समीक्षा करेगा. रूस ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि उसके किसी भी अधिकारी के लिए ब्रितानी वीज़ा के लिए आवेदन नहीं किया जाएगा. गुरुवार को मास्को स्थित ब्रितानी राजदूत टोनी ब्रेंटन को रूसी विदेश मंत्रालय में बुलाया गया और ब्रितानी विदेश मंत्रालय के पास 'कुछ संदेश' भेजने को कहा गया. बैठक के बाद ब्रेंटन ने लुगोवोय के प्रत्यर्पण की मांग को लेकर रूस सरकार की प्रतिक्रिया पर निराशा व्यक्त की. मामला पिछले साल नवंबर में रूसी ख़ुफ़िया एजेंसी केजीबी के पूर्व जासूस एलेक्ज़ेंडर लित्विनेन्को की मौत हो गई थी. लित्विनेन्को ने ब्रितानी नागरिकता ले ली थी. जाँच से पता चला कि रेडियोएक्टिव तत्व पोलोनियम-210 के कारण उनकी जान गई.
इस रेडियोएक्टिव तत्व के अंश लंदन में कई जगहों पर मिले थे, जहाँ-जहाँ आंद्रेई लुगोवोय गए थे. लेकिन लुगोवोय ने इससे इनकार किया और कहा कि वे इस मामले में संदिग्ध नहीं बल्कि गवाह हैं. उन्होंने रूसी टीवी चैनल से बातचीत में कहा था कि जाँच का नतीजा पहले से ही तय था. 43 वर्षीय लित्विनेन्को के मित्रों ने आरोप लगाया था कि रूसी सरकार के कड़े आलोचक होने के कारण ही लित्विनेन्को को ज़हर देकर मारा गया. लित्विनेन्को को रूस के राष्ट्रपति पुतिन का कड़ा आलोचक माना जाता था. लित्विनेन्को ने यह भी आरोप लगाया था कि सात साल पहले मॉस्को में हुए बम धमाकों के पीछे रूसी अधिकारी ही थे. उन धमाकों में 200 आम नागरिक मारे गए थे. इसके लिए चेचेन विद्रोहियों को ज़िम्मेदार ठहराया गया था और इन्हीं बम धमाकों के बाद दूसरा चेचेन युद्ध शुरू हुआ था. लेकिन रूसी अधिकारियों ने पूर्व जासूस एलेक्ज़ेंडर लित्विनेन्को की मौत में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें उत्तर कोरिया को मनाने में जुटा रुस06 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना इराक़ में रुसी बंधकों की हत्या26 जून, 2006 | पहला पन्ना रुस में नस्लभेद 'नियंत्रण से बाहर'04 मई, 2006 | पहला पन्ना रुस करेगा फ़लस्तीनी प्रशासन की मदद15 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना बेसलान कांड में पुतिन निशाने पर23 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना रूस में व्यापक लोकतंत्र की ज़रूरत:बुश24 फ़रवरी, 2005 | पहला पन्ना युशैंको ने रुस से नाराज़गी जताई28 दिसंबर, 2004 | पहला पन्ना रूस की नई परमाणु हथियार प्रणाली17 नवंबर, 2004 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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